'एंटी इनकंबेंसी राहुल गांधी और कांग्रेस पर लागू है, वो राजनीतिक रूप से ज्ञान शून्य, विवेक शून्य हैं', SIR पर LoP के आरोपों पर BJP का पलटवार
राहुल गांधी के एंटी इनकंबेंसी आरोपों पर जवाब देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'कांग्रेस नेता को भारतीय राजनीति की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने जो तथ्य रखा वो आधारहीन है।'
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग पर उठाए गए सवालों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने करारा जवाब दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के आरोपों को तथ्यहीन, भ्रम फैलाने वाला और भारतीय राजनीति की वास्तविकताओं से अनभिज्ञ बताया। चुनाव आयोग पर मीडिया की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद राहुल गांधी लगातार CES ज्ञानेश कुमार हमलावर हैं।
राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "कुछ ही समय पहले राहुल गांधी ने आपके सामने एक बार फिर एक PPT का प्रदर्शन किया, जो अक्सर ऐसे अनजान, अजीब और संदिग्ध स्रोतों से आता है जिनके बारे में कोई नहीं जानता। राहुल गांधी को भारतीय राजनीति की कोई जानकारी नहीं है। ये पहले भी साबित हो चुका है।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता कांग्रेस के लिए बनी मुसीबत-BJP
सुधांशु त्रिवेदी ने राज्यों में कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का जिक्र करते हुए कहा कि तमिलनाडु में 1967 से, पश्चिम बंगाल में 1977 से, बिहार में 1990 से, उत्तर प्रदेश में 1989 से और ओडिशा में 1999 से कांग्रेस की सरकार नहीं है। उस समय भाजपा का अस्तित्व भी नहीं था। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि जब से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता आई, सीसीटीवी कैमरे लगे और स्वतंत्र मीडिया मजबूत हुआ, तब से कांग्रेस को सत्ता में आने में मुश्किल हो रही है।
कांग्रेस एंटी-इनकंबेंसी का शिकार रही है-सुधांशु त्रिवेदी
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी के इस दावे का भी खंडन किया कि भारत में एंटी-इनकंबेंसी एक स्थापित राजनीतिक सच्चाई है। उन्होंने कहा कि अगर कोई पार्टी लगातार एंटी-इनकंबेंसी का शिकार रही है तो वह कांग्रेस है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले चुनावों में मतदाता पहचान पत्र नहीं होते थे, बूथ कैप्चरिंग होती थी, बैलेट बॉक्स लूटे जाते थे और हिंसा आम बात थी। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में शायद ही कोई चुनाव हिंसा के बिना पूरा होता था। पारदर्शिता आने के बाद स्थिति बदली।
फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं हुआ-सुधांशु त्रिवेदी
वहीं,राहुल गांधी के SIR के आरोपों पर जवाब देते हुए BJP प्रव्क्ता ने कहा, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) चुनाव आयोग को किसी भी समय विशेष गहन पुनरीक्षण कराने का स्पष्ट अधिकार देती है। उन्होंने राहुल गांधी के इस दावे को भी खारिज किया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1960 के तहत फॉर्म-6 में बदलाव किए गए हैं या माता-पिता के नाम जोड़ने का कोई नया प्रावधान किया गया है। त्रिवेदी के अनुसार ऐसा कोई बदलाव नहीं हुआ।
राहुल गांधी ने एंटी-इनकंबेंसी को लेकर क्या कहा?
बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, "मैं एक राजनीतिक परिवार से आता हूं और पिछले 50 सालों से राजनीति देख रहा हूं। कोई नेता इस देश में यह बात(कई सालों तक भाजपा ही सरकार में रहेगी) नहीं कर सकता है। भाजपा के खिलाफ विरोधी लहर न जाने कहां गायब हो गई है?इसका क्या कारण है? 2 दिन पहले इसका कारण 2 चुनाव आयुक्तों ने दिया था। भारत के वोट को खत्म कर दिया गया है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 24 September 2026 at 19:48 IST