अपडेटेड 26 February 2026 at 21:48 IST
अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं, ED ने दोबारा जारी किया समन, गुरुवार को हुई 10 घंटे से अधिक पूछताछ
ED ने उद्योगपति अनिल अंबानी को 40,000 करोड़ से अधिक के कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगातार दूसरे दिन समन जारी किया है। जांच रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) से जुड़ी है, जहां लोन डायवर्शन के आरोप हैं।
उद्योगपति अनिल अंबानी से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 40,000 करोड़ के कथित बैंक फ्रॉड मामले में गुरुवार को लगभग 10:30 घंटे की पूछताछ की है। उद्योगपति अनिल अंबानी को ED ने लगातार दूसरे दिन समन जारी किया है। यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी है और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) से संबंधित है।
प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED यह जांच कर रही है कि क्या विदेशी और भारतीय बैंकों से लिए गए कर्ज का कुछ हिस्सा ग्रुप कंपनियों में गलत तरीके से ट्रांसफर या डायवर्ट किया गया। रिलायंस कम्युनिकेशंस पर कभी 1.7 लाख करोड़ से ज्यादा का कुल कर्ज था, जिसके बाद इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया और एसेट बिक्री से कुछ राहत मिली, लेकिन कई लोन नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) घोषित हो गए।
ED ने कथित बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में उद्योगपति का मुंबई स्थित पाली हिल आवासीय संपत्ति 'अबोड' भी जब्त कर लिया है। जिसकी कीमत करीब 3,716.83 करोड़ रुपये है। इससे पहले, इस संपत्ति का 473.17 करोड़ रुपये का हिस्सा जब्त किया जा चुका है।
चीनी सरकारी बैंकों में ₹13,558 करोड़ का ऋण
तीन प्रमुख चीनी सरकारी बैंकों चाइना डेवलपमेंट बैंक, एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ चाइना और इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना ने रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों को कुल 13,558 करोड़ का लोन दिया था। इनमें से सबसे बड़ा हिस्सा लगभग 9,134 करोड़ चाइना डेवलपमेंट बैंक से था। इन लोन्स पर अनिल अंबानी की पर्सनल गारंटी थी, जिसके कारण कंपनी की इनसॉल्वेंसी (Insolvency) के बावजूद वे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य भारतीय बैंकों से भी 2,929 करोड़ लोन पर्सनल गारंटी पर लिए गए थे। लगभग एक दशक पहले ICBC ने 7,932 करोड़ के डिफॉल्ट को फ्लैग किया था और कई नोटिस भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
ED की कार्रवाई
ED ने अब तक इस जांच में 15,000 करोड़ से अधिक कीमत की संपत्तियों को प्रोविजनली अटैच किया है। इसमें अनिल अंबानी का Pali Hill मुंबई स्थित आलीशान घर 'अबोड' भी शामिल है। ग्रुप की कई कंपनियां इनसॉल्वेंसी, डेट रिस्ट्रक्चरिंग (Debt Restructuring) या एसेट मोनेटाइजेशन से गुजर चुकी हैं। ED ने कई लोकेशनों पर सर्च ऑपरेशन किए और फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स, ट्रांजेक्शन डिटेल्स की जांच की जा रही है।
अब अनिल अंबानी को लगातार दूसरे दिन ED दफ्तर में पेश होने के लिए बुलाया गया है, जहां लोन ट्रांजेक्शंस, पर्सनल गारंटी और फंड्स के मूवमेंट पर सवाल किए जा रहे हैं। यह मामला काफी समय से चल रहा है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ED ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) भी बनाई है।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 26 February 2026 at 21:48 IST