'भय के माहौल और बंदूकों के साये से मुक्त हुआ बस्तर', अमित शाह का बड़ा बयान, नक्सलवाद के सफाए को लेकर कांग्रेस पर किया प्रहार
अमित शाह ने नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है। आज पूरा बक्सर भय का माहौल और बंदूकों के साये में जीवन जीने का डर समाप्त करके मुक्त सांस पूरा बस्तर ले रहा है।
Amit Shah Statement on Naxalism: छत्तीगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज, 19 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि आज पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि नक्सलमुक्त की लड़ाई में उन्हें कांग्रेस का साथ नहीं मिला।
अमित शाह ने कहा, 'मैं कल से यहां पर हूं। हर जगह पर बस्तर की जनता में उत्साह, विश्वास और भविष्य की प्रति आश्वस्तता का वातावरण है, जो दूर-दूर तक नजर आता है। भय का माहौल, बंदूकों के साये में जीवन जीने का डर आज समाप्त होकर एक मुक्त सांस पूरा बस्तर ले रहा है। हम सभी के लिए आनंद का विषय है कि पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है।'
'कांग्रेस ने नक्सल मुक्त अभियान में नहीं किया सहयोग'
उन्होंने आगे कहा, 'बस्तर के नक्सल मुक्त होने में कुछ तारीखों का बहुत बड़ा महत्व है। 13 दिसंबर 2023, जब छत्तीगढ़ में बीजेपी की सरकार विष्णु देव साय के नेतृत्व में बनी। केंद्र में पहले ही भाजपा की सरकार थी, लेकिन यहां पर कांग्रेस की सरकार थी। मैं निःसंकोच कहना चाहता हूं कि ढेर सारी नॉन बीजेपी सरकार ने नक्सल मुक्त अभियान में हमारा समर्थन किया है। हालांकि, छत्तीगढ़ में रही कांग्रेस सरकार ने 'नक्सल उन्मूलन अभियान' में हमारा सहयोग नहीं किया। 13 दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के तुरंत बाद हमने बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए फिर कवायद की।'
'तय तारीख से पहले नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन हुआ'
उन्होंने आगे कहा, ' 23 अगस्त 2024 में सभी राज्यों की डीजी की बैठक के बाद एक घोषणा की गई कि 31 मार्च 2026 को देश को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कर दिया जाएगा। फिर 31 मार्च 2026 को सुरक्षाबलों के पराक्रम, साहस और बलिदान के कारण तय तारीख के पहले देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन हो चुका है।
शाह कहते हैं, 'चौथी तारीख 19 मई 2026 का भी बहुत महत्व है। जब से नक्सलवाद फैलना शुरू हुआ, तो उसके पक्षधर लोग, बुद्धिजीवी यह बता रहे थे कि नक्सलवाद इसलिए अस्तित्व में आया कि कुछ क्षेत्र में विकास नहीं पहुंचा। जबकि यह वास्तविकता नहीं थी। आज पीछे मुड़कर देखते हैं तो विकास नहीं पहुंचने का कारण ही नक्सलवाद था। देश में कई सारे ऐसे हिस्से थे जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र से भी ज्यादा पिछड़े हुए थे। लेकिन वहां नक्सलवाद नहीं था। वह क्षेत्र धीरे-धीरे आगे बढ़ गए, मगर बस्तर और कई नक्सवाद प्रभावित क्षेत्र वे जस के तस रहे। 19 मई 2026 को नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संपूर्ण विकास की परिकल्पना को लॉन्च किया जा रहा है।'
अमित शाह विपक्ष पर हमलावर
इसके अलावा उन्होंने बस्तर की जनता को आगाह करते हुए कहा कि जिन्होंने बस्तर को बर्बाद किया वह लोग भेष बदलकर बहकाने आएंगे। ऐसे में उनसे बचकर रहना है। अगर आप उनसे बात भी करते हैं तो उनसे 50 साल की बर्बादी का हिसाब जरूर मांगें।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 19 May 2026 at 17:45 IST