बोरवेल में जिंदगी की जंग हारा 4 साल का निर्भय, 21 घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद निकाला गया बाहर; मौत
अंबाला के धनेओरा गांव में लगभग 21 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार 4 साल के निर्भय को बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। प्रशासन और बचाव टीम ने बच्चे को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया, लेकिन मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी।
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Ambala Borewell Rescue Operation: हरियाणा के अंबाला जिले से मंगलवार को एक विचलित कर देने वाली खबर आई। 30 जून की सुबह 6 बजे से बोरवेल में फंसे 4 साल के निर्भय को आखिरकार देर रात लगभग साढ़े 3 बजे रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। करीब 21 घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जब बच्चे का शरीर बाहर आया, तो वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
बोरवेल से निकालते ही बच्चे को तुरंत अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल बच्चे के शव को अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में रखा गया है।
डॉक्टर ने बच्चे को मृत किया घोषित
सिटी हॉस्पिटल के मेडिकल ऑफिसर ऋषिपाल ने बताया, 'बच्चे को बोरवेल से निकालते ही जांच शुरू कर दी गई थी। बचाने के लगातार प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन यहां अस्पताल में ECG करके बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। बच्चे के शव को मॉर्चरी भेज दिया गया है। फिलहाल मौत के कारण का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चल पाएगा।'
बच्चा धीरे-धीरे डूब रहा था- NDRF असिस्टेंट
इससे पहले NDRF के असिस्टेंट कमांडेंट अनिल कुमार ने बताया, 'यह घटना सुबह 6 बजे हुई, हम सुबह 10.30 बजे पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। बच्चा बोरवेल में फंसा हुआ था, जो पानी से भरा था। बच्चा धीरे-धीरे डूब रहा था और पानी का स्तर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा था। कई चुनौतियां थीं जिनकी वजह से हमें बार-बार ऑपरेशन फिर से शुरू करना पड़ा।'
‘जिंदगी के कोई संकेत नहीं मिले…’
बच्चे की हालत के बारे में उन्होंने कहा, 'हमें जिंदगी के कोई संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन इसकी पुष्टि प्रशासन ही कर सकता है।'
बोरवेल में कैसे गिरा बच्चा?
बता दें कि घटना मंगलवार सुबह 6 बजे की है, जब निर्भय अपने पिता मंजीत के साथ खेत में दादा करनैल सिंह को खाना देने गया था। परिवार के मुताबिक, मंजीत खेत में काम में व्यस्त हो गए, जबकि दादा खाना खा रहे थे। इसी दौरान निर्भय एक खुला बोरवेल देखकर वही खेलने लगा। वो उसमें मिट्टी फेंकने लगा। इस दौरान वो कथिततौर पर अंदर की ओर देखने के लिए झुका, तभी वो फिसलकर बोरवेल में जा गिरा। बच्चा करीब 220 फीट की गहराई पर फंसा था। आवाज सुनकर निर्भय के पिता बोरवेल की तरफ दौड़े और बच्चे को आवाजें लगाईं।
इस घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों ने पहले अपने स्तर पर बच्चे को बचाने की कोशिश की। सभी कोशिशें नाकाम होने के बाद सुबह करीब साढ़े 7 बजे अधिकारियों को सूचित किया गया। इसके बाद NDRF, SDRF और सेना की रेस्क्यू टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 1 July 2026 at 08:02 IST