'स्पीकर ने किसी को बोलने की इजाजत दी, मगर कुणाल घोष जबरदस्ती...', TMC विधायक को सदन से बाहर करने पर बोले AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर
TMC विधायक कुणाल घोष को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। अब पूरे विवाद AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर की प्रतिक्रिया आई है। जानते हैं उन्होंने क्या कहा?
- भारत
- 3 min read
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार, 22 जुलाई को उस समय जमकर हंगामा देखने को मिला,जब TMC विधायक कुणाल घोष को सदन से बाहर कर दिया। कुणाल घोष बागी TMC चीफ व्हिप अखरुज्जमां को सदन में बोलने से रोकने कोशिश कर रहे थे। स्पीकर ने बार-बार उन्हें ऐसा करने से मना किया, मगर उन्होंने एक ना सुनी। आखिरकार मार्शल की मदद से कुणाल घोष को विधानसभा कक्ष से बाहर खींचकर ले जाया गया। अब पूरे विवाद पर AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर की प्रतिक्रिया आई है।
स्पीकर के आदेश के बावजूद सदन नहीं छोड़ने पर कुणाल घोष को दिन की शेष कार्यवाही के लिए निलंबित भी कर दिया गया था। विधानसभा सत्र के दौरान जब विपक्ष के चीफ व्हिप विधायक अखरुज्जमां सदन को संबोधित कर रहे थे, तभी कुणाल घोष अपनी सीट से उठकर सीधे वेल में चले गए और उन्हें बोलने से रोकने लगे। उनके इस व्यवहार पर AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर ने प्रतिक्रिया दी है।
पूरे विवाद हुमायूं कबीर ने क्या कहा?
पूरे विवाद हुमायूं कबीर ने कहा, "जब स्पीकर किसी को बोलने की इजाजत देते हैं, तो उन्हें बोलने देना चाहिए। जबरदस्ती उन्हें रोकने की कोशिश करना सही नहीं है। विधायक अखरुज्जमां अपने स्थान पर खड़े होकर बोल रहे थे,मगर कुणाल घोष उन्हें टोकना शुरू कर दिया, फिर माइक्रोफोन की ओर बढ़ते हुए जोर-जोर से चिल्लाने लगे,यह गलत था। सदन के अंदर ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए।"
विधानसभा में क्या हुआ था?
बता दें कि अखरुज्जमां विधानसभा में होम और हिल मामलों के बजट पर भाषण दे रहे थे। तभी कुणाल घोष अपनी सीट से उठकर सीधे वेल में चले गए। उन्होंने तेजी से अखरुज्जमान के माइक्रोफोन की ओर बढ़ते हुए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया कि उन्हें बोलने की अनुमति क्यों नहीं दी गई। कुणाल उनके सामने खड़े रहे और बार-बार सवाल पूछते रहे।
स्पीकर ने कुणाल घोष को दी चेतावनी
बीजेपी विधायक कुणाल के पास पहुंचे। संसदीय मामलों के मंत्री शंकर घोष और उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चटर्जी भी वहां पहुंचे। स्पीकर रथिंद्र बोस ने कुणाल से अपनी सीट पर जाकर बैठने का अनुरोध किया। इसके बाद भी कुणाल नहीं हिले। स्पीकर ने कुणाल को चेतावनी दी, "कुणाल बाबू, अगर आप अपनी सीट पर नहीं बैठते हैं, तो मुझे आपको बाहर निकालने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।"
कुणाल घोष घसीटकर बाहर सदन से किया गया बाहर
आखिरकार, स्पीकर के आदेश पर, विधानसभा के मार्शल ने कुणाल को विधानसभा कक्ष से बाहर निकालने की कोशिश की। कुणाल ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। एक समय, धक्का-मुक्की के कारण कुणाल विधानसभा कक्ष में गिर पड़े। उन्हें खींचकर बाहर निकाला गया। इस घटना के विरोध में कालीघाट तृणमूल के अन्य विधायक भी बाहर चले गए।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 22 July 2026 at 22:35 IST