अपडेटेड 29 January 2026 at 11:52 IST
'वो ऐसा खालीपन दे गए, जो कोई सात जन्मों में भी नहीं भर सकता', अजीत पवार की मौत से बारामती में पसरा सन्नाटा, 'दादा' को यादकर भावुक हुए स्थानीय लोग
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मौत के बाद बारामती में एक अजीब सन्नाटा पसरा है। उनकी मौत पर एक स्थानीय महिला ने कहा, 'अजीत दादा ने बारामती के लिए जो किया है, वह कोई और नहीं कर पाएगा'।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP नेता अजित पवार के निधन से परिवार को ही नहीं पूरे महाराष्ट्र को बड़ा झटका है। ये यकीन कर पाना हर किसी के लिए मुश्किल हो रहा है कि अजित दादा अब नहीं रहे हैं। बारामती तो फूट-फूट कर रो रही है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वो एक वो एक ऐसा खालीपन दे गए, जो कोई सात जन्मों में भी नहीं भर सकता है।
महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी को हुए प्लेन हादसे में डिप्टी सीएम अजीत पवार की दुखद मौत हो गई। वो सुबह-सुबह जिला परिषद चुनावों से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेने अपने चार्टर्ड प्लेन से बारामती जा रहे थे। सुबह करीब 8:45 बजे बारामती एयरस्ट्रिप पर उनके चार्टर्ड प्लेन की लैंडिंग की कोशिश की। लैंडिंग के समय विमान अनियंत्रित हो गया और क्रैश होकर खेत में जा गिरा। हादसे के बाद विमान में भीषण आग लग गई, जिससे पूरा विमान जलकर खाक हो गया। हादसे में विमान सवार सभी की मौके पर ही मौत हो गई।
अजीत दादा के जाने से एक खालीपन आ गया-स्थानीय महिला
बारामती लंबे समय से अजीत पवार का राजनीतिक गढ़ रहा है और उनके अप्रत्याशित निधन से पार्टी से लेकर स्थानीय लोगों को बड़ा झटका लगा है। अजीत पवार की मौत पर एक स्थानीय महिला ने कहा, "अजीत दादा ने बारामती के लिए जो किया है, वह कोई और नहीं कर पाएगा। उनके जाने से एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे कोई भी सात जन्मों में भी, नहीं भर सकता।"
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
अजीत पवार अपने अंतिम सफर पर निकल पड़े हैं। उनके पार्थिव शरीर को ले जा रही एम्बुलेंस काटेवाड़ी आवास से निकल गई है। उनका अंतिम संस्कार विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में किया जाएगा। इससे पहले अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को कुछ देर के लिए यहां रखा जाएगा। अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए सड़कों पर हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ नजर आ रही है।
पहली बार बारामती से चुने गए थे सांसद
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के एक प्रमुख और प्रभावशाली चेहरे थे। वे एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के भतीजे थे और चार दशकों से अधिक समय तक राज्य की सियासत में सक्रिय रहे। साल 1991 में अजित पवार पहली बार बारामती से सांसद चुने गए। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 66 साल के अजित पवार महाराष्ट्र में सबसे लंबे समय तक उप मुख्यमंत्री पद पर रहने वाले नेता भी रहे।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 29 January 2026 at 10:35 IST