अपडेटेड 13 February 2026 at 23:53 IST

Air India पर 1 करोड़ का जुर्माना, बिना सेफ्टी सर्टिफिकेट के उड़ाईं 8 उड़ानें, DGCA ने कहा- ऐसे भरोसा कम होता है

Air India Fined: DGCA ने एयर इंडिया पर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया है। एयरलाइन ने बिना जरूरी एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) के एक विमान को 8 बार उड़ाया, जो सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

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Air India पर 1 करोड़ का जुर्माना | Image: ANI

Air India Fined: भारतीय विमानन नियामक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया पर 1,10,350 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1 करोड़ रुपये) का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एयरलाइन द्वारा सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी करने के मामले में की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया ने अपने एक एयरबस ए320 (Airbus A320) विमान को अनिवार्य एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) के बिना ही 8 बार उड़ान भरने की अनुमति दी, जो यात्रियों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ माना है।

क्या है पूरा मामला और कैसे हुई चूक?

यह घटना 24 और 25 नवंबर के बीच की है। एयर इंडिया का एक विमान दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद जैसे व्यस्त रूटों पर यात्रियों को लेकर 8 बार उड़ा, जबकि उस समय विमान के पास वैध एआरसी (ARC) नहीं था। एआरसी एक ऐसा वार्षिक प्रमाणपत्र है जो यह सुनिश्चित करता है कि विमान उड़ान भरने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और सभी तकनीकी मानकों को पूरा करता है। बिना इस परमिट के कमर्शियल उड़ानें संचालित करना विमानन नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

एयर इंड‍िया ने स्‍वीकार की खाम‍ियां

दिलचस्प है कि इस चूक का खुलासा एयर इंडिया की अपनी आंतरिक जांच में हुआ। एयरलाइन ने स्वीकार किया कि ‘सिस्टम में खामियां’ (Systemic Failure) थी और कैरियर में कम्‍प्‍लायंस कल्‍चर को बेहतर बनाने की तत्काल जरूरत है।

जांच में पायलटों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं; बताया गया है कि जिन पायलटों ने ये आठ उड़ानें भरीं, उन्होंने 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' (SOP) का पालन नहीं किया और उड़ान से पहले जरूरी दस्तावेजों की जांच नहीं की।

DGCA का सख्त आदेश 

5 फरवरी 2026 को जारी अपने आदेश में DGCA ने एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन को इस चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया है। संयुक्त महानिदेशक मनीष कुमार द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में कहा गया है कि ऐसी घटनाओं से विमानन सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और जनता का भरोसा कम होता है। एयरलाइन को यह जुर्माना राशि 30 दिनों के भीतर जमा करने का निर्देश दिया गया है।

मुश्किल दौर से गुजर रही है एयर इंडिया

टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के इस वेंचर के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण है। पिछले साल जून में हुए बोइंग 787 ड्रीमलाइनर हादसे (जिसमें 260 लोगों की जान गई थी) के बाद से एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था लगातार रडार पर है। इससे पहले भी नियामक ने आपातकालीन उपकरणों की जांच में लापरवाही और ऑडिट कमियों के लिए एयरलाइन को चेताया था। 

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 13 February 2026 at 23:53 IST