West Bengal Election: चुनावों के बीच CM ममता ने CEC को लिखी चिट्ठी तो चढ़ा बंगाल का सियासी पारा, ओवैसी बोले- हम SIR के खिलाफ, सुप्रीम कोर्ट...
सीएम ममता बनर्जी ने CEC को पत्र लिखकर बंगाल में फर्जी वोटरों को जोड़ने और मतदाता सूची से नाम हटाने की साजिश का आरोप मढ़ा। अब इस पर असदुद्दीन ओवैसी का बयान आया है।
Asaduddin Owaisi: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर CEC को चिट्ठी लिखी जिस पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि हम एसआईआर के खिलाफ हैं। साथ ही कहा कि EC के पास किसी की भी नागरिकता की जांच का अधिकार नहीं है।
असदुद्दीन ओवैसी ने समचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, 'हम SIR के खिलाफ हैं। हमारी रिट याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। EC के पास किसी की भी नागरिकता की जांच करने का कोई अधिकार नहीं है। यह MHA का काम है।'
यह सब बहुत गलत- ओवैसी
उन्होंने आगे कहा, 'कई लोगों के नाम एडजुडिकेशन लिस्ट में हैं। इस पर जल्द से जल्द फैसला लिया जाना चाहिए। चुनाव तो आ ही गए हैं। यह सब बहुत गलत है। इसे ठीक किया जाना चाहिए।'
मनगढ़ंत, बेबुनियाद और झूठे आरोप- राजीव रंजन
इस मामले पर JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद कहते हैं, 'ये पूरी तरह से मनगढ़ंत, बेबुनियाद और झूठे आरोप हैं। ऐसे ही आरोप बिहार में SIR के समय राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने लगाए हैं। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष ममता बनर्जी कोई भी आरोप प्रमाणित नहीं कर पाईं। जनता समझदार है और अब TMC की सरकार की विदाई की घड़ी है। जाना उनका तय है और अब नई सरकार भाजपा की बनेगी ये भी तय है।'
प्रेम पत्र लिखना बंद कीजिए- भड़के दिलीप घोष
वहीं खड़गपुर सदर से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने कहा, 'मैं मुख्यमंत्री से कहूंगा कि आप प्रेम पत्र लिखना बंद कीजिए, चुनाव आ गए हैं आप पार्टी को संभालिए। बंगाल को तो आप संभाल नहीं पाईं, कम से कम अब पार्टी को संभाल लीजिए।'
इसके अलावा उन्होंने सीएम के बयान पर कहा, 'ममता बनर्जी बहुत दिनों से लोगों को भड़काने का प्रयास कर रही हैं। अब तक वे मुस्लिम समुदाय के लोगों को डराते थे और अब हिंदुओं को डरा रहे हैं।'
CM ममता ने EC को लिखी चिट्ठी में क्या कहा?
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार, 31 मार्च 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त को फिर से एक चिट्ठी लिखी। उन्होंने अपनी चिट्ठी में कहा कि बंगाल में लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोग हजारों फर्जी फॉर्म-6 आवेदन जमा कर बाहरी लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया वोटर हाइजैकिंग की कोशिश है। उन्होंने यह तक दावा किया कि इस तरह की रणनीति पहले महाराष्ट्र और दिल्ली में भी अपनाई गई थी।
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अभी भी 60 लाख से अधिक वास्तविक मतदाता जांच प्रक्रिया में फंसे हैं, जबकि बड़ी संख्या में फर्जी आवेदन तेजी से स्वीकारे जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया के चलते अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
इसके अलावा ममता बनर्जी ने पूरी प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ बताया। उन्होंने मांग की कि 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के बाद कोई नया नाम शामिल नहीं किया जाए। उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत हस्तक्षेप करने और इस कथित गड़बड़ी को रोकने की मांग की।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 1 April 2026 at 11:35 IST