अपडेटेड 1 January 2026 at 16:27 IST
कौन रच रहा ब्लास्ट की साजिश? नए साल के पहले दिन टोंक में पकड़ा गया 150 किलो विस्फोटक, यूरिया की बोरियों में था अमोनियम नाइट्रेट
फरीदाबाद में 3000 KG विस्फोटक बरामद किए जाने के एक ही महीने बाद राजस्थान के टोंक से 150 किलो विस्फोटक (अमोनियम नाइट्रेट) बरामद किया गया है।
फरीदाबाद में 3000 KG विस्फोटक बरामद किए जाने के एक ही महीने बाद राजस्थान के टोंक से 150 किलो विस्फोटक (अमोनियम नाइट्रेट) बरामद किया गया है। जो दो लोग इसे कार में लेकर जा रहे थे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। विस्फोटक को यूरिया खाद के कट्टों में छिपाकर रखा गया था। पूछताछ में सामने आया है कि ये अमोनियम नाइट्रेट टोंक में ही सप्लाई होना था। मामले की जांच NIA को सौंप दी गई है।
कार की तलाशी के दौरान पुलिस को इसके अलावा 200 खतरनाक एक्सप्लोसिव कार्टेज और सेफ्टी फ्यूज वायर के 6 बंडल भी मिले। प्रत्येक बंडल में लगभग 183 मीटर वायर थी, इस तरह कुल मिलाकर करीब 1100 मीटर से ज्यादा फ्यूज वायर जब्त की गई है। अब NIA इन सवालों के जवाब ढूंढ रही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक कहां से आया, किसे डिलीवरी दी जानी थी और इसके पीछे सिर्फ अवैध खनन है या कोई बड़ी साजिश?
ऐसे हुई गिरफ्तारी
मामला बरौनी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-52 स्थित चिरौंज गांव का है। कार सवार लोगों ने यूरिया खाद के कट्टों में इस विस्फोटक को छुपा कर रखा था, ताकि पकड़ में न आ सके। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया- हाईवे पर नाकाबंदी थी। सुबह 9 बजे बूंदी से टोंक की तरफ एक सियाज कार जा रही थी। इसमें यूरिया खाद के कट्टे भर रखे थे। टीम को कार सवार संदिग्ध लगे तो इसका पीछा किया।
इस पर कार सवार सुरेंद्र (48) और सुरेंद्र मोची (33) निवासी करवर (बूंदी) हाईवे से चिरौंज गांव की तरफ भागने लगे। टीम ने पीछा कर इन्हें गांव के बाहर रोका। उन्होंने बताया कि कार सवारों को रोक कर पूछताछ की तो घबरा गए। जब कार की तलाशी ली तो यूरिया खाद के कट्टों में विस्फोटक को छुपा रखा था। तलाशी के दौरान कार में 4 अलग-अलग कट्टों में अमोनियम नाइट्रेट मिला।
ब्लास्ट की घटना को अंजाम देने के लिए प्रयाप्त
डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने बताया- ये अमोनियम नाइट्रेट किसी भी विस्फोट की घटना को अंजाम देने में काफी है। इसकी जांच की जा रही है कि इन लोगों ने विस्फोटक कहां से, किससे खरीदा था और किसे सप्लाई करने वाले थे। गौरतलब है कि अमोनियम नाइट्रेट अत्यधिक खतरनाक विस्फोटक माना जाता है। हाल ही में दिल्ली में हुए विस्फोट में भी इसी का इस्तेमाल किया गया था, जिससे इसकी संवेदनशीलता और गंभीरता और बढ़ जाती है।
फरीदाबाद में बरामद हुआ था 3000 KG विस्फोटक, फिर हुआ था लाल किला के पास धमाका
बीते साल 10 नवंबर को फरीदाबाद में जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। जिसमें 2900 किलोग्राम से ज्यादा संदिग्ध विस्फोटक बरामद किया गया था। इस बरामदगी के बाद ही दिल्ली के लाल किला के पास धमाका हुआ था।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 1 January 2026 at 16:27 IST