अपडेटेड 24 March 2026 at 21:27 IST

Raghav Chadha: संसद में राघव चड्ढा ने अब जनता के हित में उठाया कौन सा मुद्दा? सीधे आपकी सेहत से है कनेक्शन

राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स की टाइमिंग, मोबाइल कंपनियों के प्रीपेड रिचार्ज समेत अन्य के बाद फ्रूट जूस का मुद्दा उठाया। उन्होंने अवगत कराते हुए कहा कि फ्रूट जूस के नाम पर लोग चीनी का घोल पी रहे है, जिसके चलते डायबिटीज, मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां होती हैं।

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MP Raghav Chadha | Image: Rajya Sabha

Raghav Chadha on Fruit Juice: आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में पैकेटबंद जूस में 'मिलावटखोरी' का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस ओर सरकार का ध्यान दिलाया कि कैसे फ्रूट जूस की कंपनियां ग्राहकों के साथ चालाकी कर उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।

राघव चड्ढा ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर किया है जिसमें वो संसद में इस मुद्दे का जिक्र कर रहे हैं। वो सरकार से सवाल करते हैं कि इस क्रम में क्या कदम उठाए जा रहे हैं। AAP सांसद ने कहा, 'भारत का ग्राहक/उपभोक्ता बाजार एक बड़ी बीमारी का शिकार है, जिसे भ्रामक ब्रैंडिंग (Misleading Branding) और झूठे विज्ञापन (False Advertisement) के नाम से जाना जाता है।'

‘देश का युवा चीनी का घोल पी रहा’

उन्होंने आगे कहा, 'जब हम एक फ्रूट जूस की बोतल खरीदते हैं तो उसके आगे फ्रेश फ्रूट जूस की, बड़ी रसीली सी फोटो लगी होती है। लेकिन पीछे की पैकेजिंग में छोटे अक्षरों में लिखा होता है- 'ये तस्वीर केवल मार्केटिंग के उद्देश्य से है।' हमारे देश का ग्राहक/उपभोक्ता, खासतौर पर देश का युवा इन ड्रिंक्स का सेवन यह सोचकर करता है कि यह स्वस्थ और पौष्टिक है। लेकिन उसे पता नहीं है कि वह चीनी का घोल पी रहा है, जिसके चलते डायबिटीज, मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां होती हैं।'

राघव चड्ढा ने सरकार से पूछे तीखे सवाल

इस दौरान राघव चड्ढा ने तीन सवाल पूछे। उन्होंने कहा, 'मेरा सवाल माननीय मंत्री जी से यह है कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठा रही है कि हम भ्रामक तस्वीरों पर प्रतिबंध लगा सकें, ताकि ऐसा न हो कि तस्वीरों के माध्यम से लोगों को गुमराह किया जाए, लेकिन तकनीकी रूप से नियमों का पालन किया गया हो? हम यह कैसे सुनिश्चित कर रहे हैं कि ज्यादा चीनी होने की जानकारी पैकेट के सबसे आगे ही दी जाए? और आखिर में, हम यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि कैटेगरी को लेकर पूरी स्पष्टता हो- यानी यह साफ हो कि यह प्रोडक्ट फ्रूट जूस है या फिर चीनी और कंसंट्रेट मिलाकर बनाया गया कोई प्रिजर्वेटिव ड्रिंक?'

इससे पहले उठा चुके हैं ये दमदार मुद्दे

गौरतलब है कि राघव चड्ढा लगातार ग्राहकों को जागरूक करने के लिए संसद में आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने अब तक गिग वर्कर्स की टाइमिंग, मोबाइल कंपनियों के प्रीपेड रिचार्ज समेत कुछ और मुद्दों को लेकर कंपनियों की पोल खोली। इसका असर भी देखने को मिला। इसी क्रम में इस बार मुद्दा फ्रूट जूस का रहा।

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 24 March 2026 at 21:23 IST