Blue Aadhaar Card: बच्चों के आधार कार्ड को लेकर नया अपडेट, 30 सितंबर तक मुफ्त मिलेगी यह खास सर्विस

अगर आपके पास आधार कार्ड है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश के नागरिकों को एक बड़ी राहत दी है। सरकार ने आधार कार्ड को मुफ्त में अपडेट करने की आखिरी तारीख को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है।

 
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aadhaar-card-new-update-uidai-extends-blue-adhar-card-biometric-free-update-till-september-30-2026 | Image: Meta AI

UIDAI के नए नियम के मुताबिक, माता-पिता अब 30 सितंबर 2026 तक अपने बच्चों के आधार कार्ड का बायोमेट्रिक अपडेट बिल्कुल मुफ्त (फ्री) करवा सकते हैं। ध्यान रहे कि इस तारीख के बाद अपडेट कराने पर आपको तय फीस देनी होगी। इसलिए समय रहते यह काम निपटा लेना समझदारी होगी।

क्या होता है अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट?

जब बच्चे छोटे होते हैं, तो उनका 'बाल आधार' नीला आधार कार्ड बनता है। लेकिन जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनकी उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स), आंखों की आईरिस और चेहरे की बनावट बदलने लगती है। सरकारी रिकॉर्ड में यह जानकारी एकदम सही रहे और बच्चे का आधार कार्ड वैलिड (मान्य) बना रहे, इसीलिए सरकार एक उम्र के बाद बायोमेट्रिक अपडेट को अनिवार्य यानी जरूरी बनाती है।

बायोमेट्रिक अपडेट क्यों है बेहद जरूरी?

स्कूल, कॉलेज और बड़े एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स में एडमिशन बिना किसी परेशानी के हो जाता है।
आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं का फॉर्म भरने और सरकारी स्कॉलरशिप का लाभ उठाने में मदद मिलती है।
सरकार की तरफ से मिलने वाली वित्तीय मदद या अन्य योजनाओं का लाभ सीधे बच्चे को मिलता है।
बड़े होने पर इंटर्नशिप और फेलोशिप प्रोग्राम के लिए अप्लाई करना आसान हो जाता है।

कैसे कराएं अपडेट?

अपने बच्चे को साथ लेकर नजदीकी आधार सेवा केंद्र या आधार नामांकन केंद्र पर जाएं।
वहां जाकर एक सिंपल फॉर्म भरें।
काउंटर पर बच्चे की उंगलियों के निशान दें, आंखों की पुतलियों को स्कैन करवाएं और नई फोटो क्लिक कराएं।
यह प्रोसेस पूरा होने के बाद, महज 7 से 15 दिनों के भीतर नया आधार कार्ड आपके घर के पते पर पोस्ट के जरिए आ जाएगा।

छोटे बच्चों के लिए माता-पिता का वेरिफिकेशन है जरूरी

UIDAI के नए नियमों के अनुसार, 5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार कार्ड उनके माता-पिता के आधार के लिंक पर ही बनता है। अब इसके लिए माता-पिता में से किसी एक का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, KYC और OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, माता-पिता को बच्चे के जन्म का प्रमाण और परिवार के साथ संबंध का सबूत भी देना होगा। चूंकि छोटे बच्चों के फिंगरप्रिंट साफ नहीं होते, इसलिए माता-पिता के बायोमेट्रिक की मदद से ही उनका वेरिफिकेशन पूरा किया जाता है।

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 6 July 2026 at 10:04 IST