अपडेटेड 6 February 2026 at 18:45 IST
Aadhaar Update: आधार कब कराया जाता है डीएक्टिवेट? अगर ऐसा हो जाए तो क्या है सही कराने का तरीका
Aadhaar Card Deactivation Rules: एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने 2.5 करोड़ से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार नंबर डीएक्टिवेट कर दिए हैं। आइए जानते हैं, आधार किन स्थितियों में निष्क्रिय होता है, और घर बैठे मृतक का आधार कैसे बंद किया जा सकता है।
Aadhaar Card Deactivation Rules 2026: भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अब तक लगभग 2.5 करोड़ से अधिक आधार नंबरों को निष्क्रिय (Deactivate) कर दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 3 फरवरी 2026 को लोकसभा में जानकारी दी कि ये आधार नंबर हैं उन मृत व्यक्तियों के थे और जिनका दुरुपयोग होने की संभावना थी।
इस घोषणा के बाद आम नागरिकों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या आधार कार्ड कभी अपने आप भी बंद हो सकता है या लंबे समय तक इस्तेमाल न करने पर यह अवैध हो जाता है? UIDAI के अनुसार, आधार जीवन भर के लिए मान्य है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे निष्क्रिय किया जा सकता है।
क्यों और कब निष्क्रिय होता है आधार?
UIDAI के नियमों के मुताबिक, आधार कार्ड अपने आप रद्द नहीं होता, लेकिन डेटा की सटीकता बनाए रखने के लिए इसे निष्क्रिय किया जा सकता है। इसके मुख्य कारणों में डुप्लीकेट आधार का होना संभव है। इसके अलावा, नामांकन के समय फर्जी डॉक्यूमेंट्स का उपयोग या बायोमेट्रिक मिलान न होने की स्थिति में भी आधार को सस्पेंड किया जा सकता है।
मृत व्यक्ति का आधार कैसे करें सरेंडर?
यदि आपके परिवार में किसी का निधन हो गया है, तो सुरक्षा कारणों से उनका आधार निष्क्रिय करना अनिवार्य है। इसके लिए UIDAI ने 'MyAadhaar' पोर्टल पर ऑनलाइन सुविधा प्रदान की है। इसके लिए परिवार का कोई भी सदस्य लॉगिन करके 'Report Death of a Family Member' विकल्प चुनकर खुद ही रजिस्टर कर सकता है।
यहाँ मृतक का आधार नंबर, मृत्यु प्रमाण पत्र और मृतक के साथ संबंधित विवरण दर्ज करना होता है। सत्यापन के बाद 90 दिनों के भीतर आधार को डीएक्टिवेट कर दिया जाता है। यदि आप ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, तो नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाकर मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति जमा करके भी यह कार्य ऑफलाइन पूरा किया जा सकता है।
क्या आधार भी हो जाता है एक्सपायर?
अक्सर यह भ्रम रहता है कि यदि सालों तक आधार का उपयोग न किया जाए तो वह एक्सपायर हो जाता है। वास्तविकता यह है कि आधार की कोई 'एक्सपायरी डेट' नहीं होती। हालांकि, बच्चों के लिए 5 से 7 वर्ष और 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो भविष्य में ऑथेंटिकेशन फेल हो सकता है और आधार 'डॉर्मेंट' हो सकता है।
इसके अलावा, वयस्कों को भी हर 10 साल में एक बार अपनी जानकारी अपडेट करने की सलाह दी जाती है। यदि आपका आधार इनएक्टिव दिख रहा है, तो आप बैंक में केवाईसी (KYC) करवाकर या पंजीकृत मोबाइल नंबर अपडेट करके इसे फिर से एक्टीव कर सकते हैं।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 6 February 2026 at 18:45 IST