शुद्ध शाकाहारी लड़की खाने लगी नॉनवेज, बेटी को नमाज पढ़ता देख मां को हुआ शक, नासिक MNC में जबरन धर्मांतरण का खुलासा
Maharashtra News: नासिक की एक MNC कंपनी में कुछ कर्मचारियों पर महिला कर्मचारियों को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ब्रेनवाश कर इस्लाम में जबरन कन्वर्ट करने का आरोप है। इस मामले में अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं।
नासिक की एक मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) में महिला कर्मचारियों के साथ जबरन धर्मांतरण, ब्रेनवॉशिंग और यौन उत्पीड़न का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने महिला कर्मचारियों को निशाना बनाकर उन्हें धर्म बदलने के लिए मजबूर किया।
इस मामले में अब तक नौ अलग-अलग शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें दो जबरन धर्मांतरण और बाकी यौन उत्पीड़न के मामले शामिल हैं। कंपनी में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को कुछ आरोपियों ने टारगेट किया। महिला कर्मचारियों को लिपस्टिक लगाना और मेकअप के लिए मना किया जाता था, क्योंकि इस्लाम में यह हराम है।
ब्रेनवाशिंग का तरीका
आरोपियों ने महिला कर्मचारियों को टारगेट करने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। शुरुआत में उन्हें उनके धर्म, भगवान-देवी-देवताओं के बारे में सवाल पूछे जाते थे। खासतौर पर भगवान गणेश से जुड़े सवाल पूछकर ब्रेनवाशिंग शुरू की जाती थी। महिलाओं को छुट्टी और एक्स्ट्रा इंक्रीमेंट का लालच दिया जाता था। फरार मुख्य आरोपी निदा खान महिला कर्मचारियों को नमाज पढ़ना, बुर्का और हिजाब पहनना सिखाती थी। महिलाओं से उनके धर्म के बारे में पूछताछ करती थी।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
आरोप है कि चार-पांच आरोपी मध्यमवर्गीय परिवार की लड़कियों को चुनते थे और उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी देते थे। इस घटना के बारे में कंपनी के पुणे कार्यालय को भी बताया गया, लेकिन उन्होंने जवाब दिया, "इतना तो आईटी में चलता है।"
शुद्ध शाकाहारी लड़की खाने लगी नॉनवेज
एक पीड़िता का मामला बेहद चौंकाने वाला है। कंपनी में काम करने वाली एक शुद्ध शाकाहारी लड़की को ब्रेनवाश करके इस्लाम में कन्वर्ट कर दिया गया। रमजान के महीने में वह अपने घर पर नमाज पढ़ने लगी और पूरे दिन रोजा रखने लगी। उसकी मां ने जब देखा कि बेटी पूरे दिन कुछ नहीं खा रही और नमाज पढ़ रही है, तब उन्हें शक हुआ। बाद में पता चला कि वह इस्लाम धर्म को फॉलो कर रही है। शुद्ध शाकाहारी लड़की ने मांसाहारी खाना शुरू कर दिया था।
इंटर्न को भी कन्वर्ट करने की कोशिश
कंपनी में कुल 121 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनमें सिर्फ 12-15 पुरुष थे और बाकी सभी महिला कर्मचारी। आरोप है कि मध्यम वर्गीय परिवारों से आने वाली लड़कियों को खासतौर पर टारगेट किया और जॉब छिन जाने की धमकी दी। यहां तक कि कंपनी के इंटर्न्स को भी जबरन कन्वर्ट करने की कोशिश की गई। मामला इतना गंभीर हो गया कि कई महिला कर्मचारी कंपनी छोड़ चुकी हैं, कुछ वर्क फ्रॉम होम कर रही हैं और कई अपनी शिकायत दर्ज कराने से हिचकिचा रही हैं।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 11 April 2026 at 13:53 IST