Maharashtra के भिवंडी में बड़ा हादसा, भरभराकर गिरी 4 मंजिला 'कोहिनूर' इमारत, अब तक 9 लोगों की मौत, कई अब भी मलबे में दबे
महाराष्ट्र के भिवंडी में 4 मंजिला 'कोहिनूर इमारत' ताश के पत्तों की तरह ढह गई। मलबे से अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। वहीं कई लोगों के दबे होने की आशंका है। NDRF और फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
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Maharashtra Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार (30 जुलाई) रात एक बड़ा हादसा हो गया। यहां 'कोहिनूर' नाम की एक चार मंजिला इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इमारत में काम कर रहे कुछ मजदूर और परिवार के लोग मलबे में फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक हादसे में 9 लोगों की मौत हो चुकी है।
फिलहाल मौके पर फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमें मौजूद हैं, जो रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। NDRF मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रही है।
चल रहा था मरम्मत का काम
जानकारी के अनुसार भिवंडी के नारपोली स्थित भंडारी कंपाउंड में स्थित चार मंजिला 'कोहिनूर इमारत' को नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित कर 'सी-कैटेगरी' की खतरनाक इमारतों की सूची में डाला गया था, जिसके बाद इसे खाली करने का निर्देश दिया गया था। अधिकांश निवासी मकान छोड़ चुके थे। हादसे के समय बिल्डिंग में मरम्मत का कार्य चल रहा था।
मलबे में दबे हो सकते हैं 6-7 लोग
भिवंडी पश्चिम के विधायक महेश चौगुले ने कहा कि नगर निगम ने पहले ही इस इमारत को खतरनाक घोषित कर खाली करवा दिया था। हालांकि, ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे मरम्मत के काम के दौरान यह इमारत ढह गई। आशंका है कि छह से सात लोग अंदर फंसे हुए हैं। NDRF, फायर ब्रिगेड और TDRF की टीमें अभी मौके पर बचाव अभियान चला रही हैं।
मेयर ने क्या कहा?
हादसे को लेकर भिवंडी BNCMC के मेयर नारायण चौधरी ने बताया कि गिरी हुई इमारत के मलबे में फंसे लोगों को बचाने को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। इस काम के लिए पूरे नगर निगम प्रशासन को काम पर लगा दिया गया है। हालांकि, एक बड़ी त्रासदी टल गई क्योंकि इमारत खतरनाक हालत में होने की वजह से पहले ही खाली करा ली गई थी। फिर भी नागरिकों के लिए अपनी जान बचाने के लिए ऐसी असुरक्षित इमारतों को खाली करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा खतरनाक इमारतों की पानी और बिजली की सप्लाई काटने के बाद भी कुछ लोग उनमें रहते हैं। अब उन्हें पुलिस सुरक्षा की मदद से वहां से निकालना होगा। मेयर ने बताया कि प्रभावित परिवारों के लिए पास के कम्युनिटी हॉल और स्कूलों में अस्थायी रहने की व्यवस्था की गई है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 31 July 2026 at 08:17 IST