पश्चिम एशिया संघर्ष में जहाजों को निशाना बनाने से भारत को बड़ा नुकसान, विदेश मंत्रालय ने बताया- 23 भारतीयों ने गंवाई जान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि पश्चिम एशिया संघर्ष में 15 नाविकों सहित 23 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। वहीं, काला सागर क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों में 5 भारतीयों की जान गई और 2 लापता हैं।
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पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और काला सागर क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग पर बढ़ रहे हमलों ने वैश्विक सुरक्षा के साथ-साथ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर भी गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। विदेश मंत्रालय की द्वि-साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन दोनों क्षेत्रों में हुए भारतीय हताहतों के आधिकारिक आंकड़े साझा किए हैं।
पश्चिम एशिया और काला सागर में भारतीय नागरिक प्रभावित
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, पश्चिम एशिया के जारी संघर्ष में भारत ने अब तक 23 नागरिकों को खो दिया है। दुखद बात यह है कि इनमें से 15 भारतीय नाविक शामिल थे, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर कार्यरत थे। दूसरी ओर, काला सागर क्षेत्र में भी वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों का बुरा असर भारतीय क्रू मेंबर्स पर पड़ा है। वहां हुए हमलों में 5 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 2 अन्य नागरिक अब भी लापता हैं। विदेश मंत्रालय इन दोनों क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
ओमान तट के पास पोत पर हमला और रेस्क्यू ऑपरेशन
तनाव की ताजा घटना ओमान के तट के पास घटी, जहां भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज MSV अल जुसूफी पर हमला हुआ। इस पोत पर कुल 14 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। एक नाविक की दुखद मौत: इस हमले में गुजरात के गांधार निवासी नाविक नहीम अजीज की जान चली गई।जहाज पर मौजूद शेष 13 भारतीय नागरिकों को लिमा (ओमान) के पास सुरक्षित बचा लिया गया है। भारत सरकार अब मृतक नाविक के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक वतन वापस लाने और बाकी 13 नागरिकों की सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया में जुटी है। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी इस घटना की पुष्टि की थी। विदेश मंत्रालय ने त्वरित सहायता और राहत कार्यों के लिए ओमानी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
शांति, कूटनीति और नौवहन की स्वतंत्रता का आह्वान
फारस की खाड़ी और पश्चिम एशियाई क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर बार-बार हो रहे हमलों के बीच भारत ने एक बार फिर अपना स्पष्ट रुख दोहराया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि सभी संबंधित पक्षों को हिंसा छोड़कर तत्काल 'बातचीत और कूटनीति' की राह अपनानी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता की हर हाल में गारंटी दी जानी चाहिए। क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति बहाल करने के लिए राजनयिक प्रयासों को गति देना बेहद जरूरी है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 3 November 2026 at 23:18 IST