Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: बेटे करण ने ठहराया कातिल, पति मिहिर ने तोड़ा रिश्ता, तुलसी की जिंदगी का तूफान हिला देगा शांति निकेतन की बुनियाद?
KSBKBT2 Updates: एकता कपूर का सीरियल दर्शकों का पसंदीदा बना हुआ है। ऐसे में शो में लगातार चल रहे हाई वोल्टेज ड्रामा और लीप ने फैंस के मन में नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
- मनोरंजन समाचार
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Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2 Latest Episode 30 June 2026 Updates: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के आने वाले एपिसोड में दर्शकों को भावनाओं का एक बड़ा सैलाब देखने को मिलेगा। जो तुलसी कभी शांति निकेतन की जान हुआ करती थी, आज वह सलाखों के पीछे है और उसका पूरा परिवार तिनके की तरह बिखर रहा है। आइए जानते हैं इस एपिसोड में क्या-क्या होने वाला है।
जेल में नंदिनी और तुलसी की भावुक मुलाकात
एपिसोड की शुरुआत नंदिनी के जेल में तुलसी से मिलने से होती है। नंदिनी गिल्ट से भरी हुई है और तुलसी से कहती है कि वह इस बोझ के साथ नहीं जी सकती। लेकिन तुलसी उसे शांत करते हुए कहती है कि उसे अपने परिवार के पास वापस लौट जाना चाहिए और यह सच किसी के सामने नहीं आना चाहिए।
तुलसी नंदिनी को समझाती है कि अंश और पार्थ दोनों गलत थे और उसने यह सब एक औरत को बचाने के लिए किया है। समाज कभी इस बात पर यकीन नहीं करेगा कि एक पति अपनी पत्नी पर जुल्म कर सकता है, और न ही समाज उस मां को माफ करेगा जो अपने ही बेटे की जान ले ले।
तुलसी नंदिनी से कहती है कि वह शांति निकेतन और उसकी परंपराओं को संभाले। साथ ही, वह नंदिनी से कहती है कि अब उसे या परिवार के किसी भी सदस्य को जेल में उससे मिलने आने की जरूरत नहीं है।
तुलसी पर फूटा करण का गुस्सा, कहा- "तुम मंदिरा से भी बदतर हो"
अगले दिन, करण अपनी मां तुलसी से मिलने जेल पहुंचता है, लेकिन उसका दिल दर्द और गुस्से से भरा है। जब तुलसी उससे बात करने की कोशिश करती है, तो करण फूट पड़ता है।
करण गुस्से में कहता है कि "मैंने अपने दो बेटों का अंतिम संस्कार किया है। तुमने मेरे बेटे को अमेरिका से बुलाकर क्यों मारा? तुमने पार्थ के साथ-साथ रियो की जान क्यों ली?"
हालांकि तुलसी रियो को मारने की बात से इनकार करती है, लेकिन करण उसकी एक नहीं सुनता। वह तुलसी को 'कातिल' और एक 'श्राप' कहता है। करण भरे मन से कहता है कि मदिरा भी उससे बेहतर थी और आज से उसके लिए उसकी मां मर चुकी है। वह तुलसी को रोता हुआ छोड़कर वहां से चला जाता है।
बिखरता शांति निकेतन
उधर, शांति निकेतन में मातम पसरा है। गायत्री को रसोइए से पता चलता है कि किसी ने खाना नहीं खाया है। वह रसोइए से पार्थ के नाम पर गरीबों को खाना खिलाने को कहती है।
इसी बीच, घर में एक और बड़ा झटका लगता है। नियति अपना सामान बांधकर घर छोड़कर जाने लगती है। गायत्री उसे रोकने की बहुत कोशिश करती है, लेकिन नियति साफ कह देती है कि वह एक 'कातिल के घर' में नहीं रहना चाहती। घर का माहौल इतना उदास है कि आंगन में रखा पवित्र तुलसी का पौधा भी सूख गया है, मानो शांति निकेतन की जान निकल गई हो।
नंदिनी का गहरा राज और मिहिर का फैसला
नंदिनी अंदर ही अंदर घुट रही है क्योंकि तुलसी ने उसके गुनाहों को अपने सिर ले लिया है। जब शोभा आकर नंदिनी से पूछती है कि मां ऐसा कदम कैसे उठा सकती हैं, तो नंदिनी को शोभा से भी सच छिपाना पड़ता है। शोभा हैरान है कि नंदिनी मां की तस्वीर के सामने इतनी सामान्य कैसे बर्ताव कर रही है।
एपिसोड का सबसे दर्दनाक पल तब आता है जब जेल में बंद तुलसी को मिहिर का एक खत मिलता है। मिहिर अपने खत में साफ लिख देता है कि वह उससे मिलने जेल नहीं आएगा।
जिन रिश्तों और जिस परिवार के लिए तुलसी ने अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया, आज उन्होंने ही उससे मुंह मोड़ लिया है। मिहिर के इस खत ने तुलसी को पूरी तरह से तोड़ दिया है और अब वह अपनी जिंदगी की इस लड़ाई में बिल्कुल अकेली पड़ गई है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 1 July 2026 at 16:57 IST