सेंसर बोर्ड का सरकार ने किया पुनर्गठन, पंकज त्रिपाठी, प्रीति जिंटा और सुनील शेट्टी की एंट्री, देखें 18 सदस्यों की पूरी LIST

भारत सरकार ने सेंसर बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है, जिसमें कई नए सदस्यों को शामिल किया गया है। नए सदस्यों में पंकज त्रिपाठी से लेकर सुनील शेट्टी और प्रीति जिंटा जैसे बॉलीवुड की दिग्गज हस्तियों को शामिल किया गया है।

सेंसर बोर्ड का सरकार ने किया पुनर्गठन: पंकज त्रिपाठी समेत 18 नए सदस्य शामिल | Image: X

Central Board of Film Certification: भारत सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) यानी सेंसर बोर्ड का पुनर्गठन किया। बुधवार को नए CBFC बोर्ड में बॉलीवुड से जुड़े कई चर्चित चेहरों को शामिल किया गया है। भारत सरकार ने इसे तत्काल प्रभाव से पुनर्गठन किया है। इसकी जानकारी सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा दी गई। गठित किए गए नए बोर्ड में कुल 18 सदस्य हैं, जिसमें अभिनेता पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी और अभिनेत्री प्रीति जिंटा जैसी कई बड़ी हस्तियां शामिल हैं। केंद्र सरकार द्वारा सिनेमाटोग्राफ अधिनियम, 1952 और सिनेमाटोग्राफ (प्रमाणन) नियम, 2024 के तहत पुनर्गठन किया गया है।

CBFC के पुनर्गठन में 18 सदस्य शामिल

सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा पुनर्गठित CBFC में लिस्ट में 18 सदस्यों के नाम कुछ प्रकार हैं। लिस्ट में विनोद अनुपम, मनोज जोशी, अभिषेक जैन, रिकी केज, प्रियदर्शन, सुनील शेट्टी, हंसराज हंस, सुप्रिया यार्लागड्डा, यतींद्र मिश्रा, रूपाली गांगुली, प्रीति जिंटा, नीला माधब पांडा, पंकज त्रिपाठी, प्रोसेंजीत चटर्जी, पल्लवी जोशी, निशिगंधा वाड, वामन केंद्रे और रमेश पतांगे को शामिल किया गया है। 

September 16, 2026

क्या होता है सेंसर बोर्ड का काम?

गौरतलब है कि कोई भी नई फिल्म भारतीय फिल्म सिनेमाघरों में पहुंचने से पहले सेंसर बोर्ड से होकर गुजरती है। बिना सेंसर बोर्ड से पास हुई फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज नहीं हो सकती है। CBFC बोर्ड सबसे पहले फिल्म का रिव्यू करती है, उसके बाद फिल्म के हिसाब से उसे U, UA, A या AS जैसे सर्टिफिकेट देती है। फिल्म में अगर भड़काऊ सीन या फिर आपत्तिजनक सीन्स हो तो सेंसर बोर्ड कट करने या हटाने का निर्देश दे सकती है। कई परिस्थिति में बोर्ड फिल्म को पास भी नहीं करती है।

पिछली बार 2017 में हुआ था पुनर्गठन

रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले सेंसर बोर्ड का पुनर्गठन 2017 में हुआ था, जिसमें 12 सदस्य मौजूद थे। वहीं, सरकार की तरफ से आया ये आदेश तीन साल की अवधि या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

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Published By : Sahitya Maurya

पब्लिश्ड 16 September 2026 at 20:49 IST