Sushant Singh Rajput: 6 साल बाद भी करोड़ों दिलों में धड़कते हैं सुशांत सिंह राजपूत, बहन श्वेता ने भावुक पोस्ट से दी श्रद्धांजलि
Sushant Singh Rajput: आज यानि 14 जून को दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की छठी पुण्यतिथि है। उनकी बहन श्वेता सिंह ने अपने भाई को याद करते हुए भावुक पोस्ट शेयर किया है।
- मनोरंजन समाचार
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Sushant Singh Rajput: सुशांत सिंह राजपूत के निधन को आज 6 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर करते हुए दिवंगत अभिनेता की जिंदादिली और उनके उसूलों को याद किया है। उन्होंने बताया है कि सुशांत आज भी अपने चाहने वालों के दिलों में जिंदा हैं और लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।
भाई की यादों में खोईं श्वेता सिंह कीर्ति
बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का 6 साल पहले आज ही के दिन निधन हो गया था। उनके चले जाने का गहरा दुख आज भी इंडस्ट्री और उनके फैंस के मन में है। रविवार को श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने भाई को श्रद्धांजलि देते हुए इंस्टाग्राम पर कुछ एआई जनित और पुरानी यादों वाली तस्वीरें शेयर कीं हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि 6 साल बीत गए हैं लेकिन सुशांत का प्रभाव अभी भी अनगिनत जिंदगियों पर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आज जब वो सुशांत के बारे में सोचती हैं तो उनके मन में यह विचार नहीं आता कि वो कैसे गए, बल्कि यह आता है कि वो कैसे जिए।
सुशांत के स्वभाव की चर्चा
श्वेता ने सुशांत के व्यक्तित्व के कई अनछुए पहलुओं पर बातें शेयर की है। उन्होंने सुशांत की बच्चों जैसी जिज्ञासा और ब्रह्मांड व तारों के प्रति उनके असीम आकर्षण का जिक्र किया। इसके साथ ही लिखा कि सुशांत एक ऐसे व्यक्ति थे जो हर किसी के साथ सम्मान से पेश आते थे। उन्होंने अपने भाई के सबसे महत्वपूर्ण सीख को साझा करते हुए कहा कि सुशांत ने सिखाया था कि बिना दया भाव के कामयाबी का कोई मोल नहीं है।
अंधेरे में उम्मीद की किरण बने रहेंगे सुशांत
श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्यार वक्त के नियमों का पालन नहीं करता है। उन्होंने कहा कि हर बार जब कोई व्यक्ति गुस्से के बजाय दया, अज्ञानता के बजाय ज्ञान, निराशा के बजाय उम्मीद और नजरिए के बजाय प्यार को चुनता है, तो सुशांत के आदर्श जीवित रहते हैं। श्वेता ने फैंस से अपील की कि वे सुशांत के दिखाए रास्ते पर चलें और मायूस न हों। उन्होंने कहा कि जिज्ञासु बनें, दयालु बनें और बेखौफ होकर सपने देखें। श्वेता ने अंत में लिखा कि जिंदगी को मापने का पैमाना यह नहीं है कि यह खत्म कैसे हुई, बल्कि यह है कि इसने कितने दिलों को जगाया और इस पैमाने पर सुशांत आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में जिंदा हैं।
Published By : Kirti Soni
पब्लिश्ड 14 June 2026 at 08:31 IST