'नाना साहब जैसे इंसान असल में हमें कभी छोड़कर नहीं जाते, मुझे कुछ खास जिम्मेदारियां...', मल्हार पाटेकर ने बताया पिता की क्या थी आखिरी इच्छा

गुरुवार देर रात पुणे के डोंजे गांव स्थित नाना पाटेकर के फार्महाउस पर उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिता को अंतिम विदाई देने के बात बेटा मल्हार ने उनकी आखिरी इच्छा के बारे में बताया।

मल्हार पाटेकर ने बताया नाना पाटेकर की क्या थी आखिरी इच्छा | Image: X/Facebook/Republic

दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार, 8 अक्टूबर को निधन हो गया। अच्छे खासे स्वस्थ दिखने वाले एक्टर के अचानक यूं चले जाने से फिल्म इंडस्ट्री और फैंस को बड़ा झटका लगा है। पूरे देश उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। उनके पुणे स्थित फार्महाउस पर गुरुवार देर रात एक्टर का अंतिम संस्कार किया गया, जहां भारी संख्या में लोग जमा हुए। माहौल पूरी तरह गमगीन था। आंखों के सामने उन्हें विदा होते देख पत्नी,बेटा और परिवार के सदस्य बिलख उठा। इस मौके पर बेटे मल्हार ने अपने पिता के लिए बड़ी बाक कही।

गोवा स्थित अपने आवास पर गुरुवार को नाना पाटेकर कार्डियक अरेस्ट के शिकार हुए। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने 45 मिनट तक सीपीआर देकर उन्हें बचाने की कोशिश, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। गोवा से उनके पार्थिव शरीर को उसी दिन पुणे लाया गया। बीती रात पुणे के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

नम आखों के साथ मल्हार ने पिता को दी अंतिम विदाई

बेटे मल्हार पाटेकर ने पिता को मुखाग्नि दी। फार्महाउस के बाहर भारी संख्या में प्रशंसक, गांव वाले, फिल्म इंडस्ट्री के लोग और राजनेता मौजूद रहे। परिवार के सदस्य आंसुओं में सराबोर दिखे। माहौल पूरी तरह गमगीन था। बेटे ने बताई की मौत के बाद कागजी प्रक्रिया को पूरा करने में काफी समय लग गया, जिसकी वजह से नाना के अंतिम संस्कार में देरी हुई। पिता को अंतिम विदाई देने के बाद मल्हार ने मीडिया से बात करते हुए महान एक्टर के लिए बड़ी बात कही।

नाना साहब जैसे लोग हमें कभी छोड़कर नहीं जाते-मल्हार 

अपने पिता और दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर मल्हार पाटेकर ने कहा, "नाना साहब जैसे लोग असल में हमें कभी छोड़कर नहीं जाते। वे अपने काम के जरिए अमर हो जाते हैं। दूसरी बात, उनकी सोच हमेशा एक जैसी रही; वे अक्सर कहते थे, 'आइए इंसानियत के नाते साथ मिलकर दुनिया की बेहतरी के लिए काम करें'। हमारी संस्था के जरिए पानी के क्षेत्र में पहले से ही काम चल रहा था और कश्मीर में भी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पहल शुरू हो चुकी थी।"

October 8, 2026

मल्हार ने बताया पिता की आखिरी इच्छा

मल्हार ने बताया कि जाने से पहले उन्होंने सभी को खास जिम्मेदारियां सौंपी थीं। "मराठवाड़ा में चल रहे काम के बारे में, मैंने कुछ देर पहले ही मुख्यमंत्री से बात की। उन्होंने बताया कि 'नाम फ़ाउंडेशन' के जरिए हो रहा काम हमारे CEO गणेश थोराट की देखरेख में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने माना कि हमने पहले भी साथ मिलकर काम किया है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नाना साहब इस बार और भी तेजी से काम करना चाहते थे। इसलिए, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह पक्का करना होगा कि उन्होंने जो सपना देखा था, वह सच हो।"

October 8, 2026

NAAM फाउंडेशन का काम जारी रहेगा-मल्हार 

मल्हार पाटेकर ने आगे कहा, "नाना साहब का हमेशा मानना ​​था कि सभी को एक साथ आना चाहिए और वैश्विक स्तर पर सही रास्ते पर चलना चाहिए। NAAM फाउंडेशन जिस बड़े पैमाने पर काम करता है, उसे देखते हुए मुख्यमंत्री को भी लगा कि अगर हम मिलकर काम करें, तो हम लक्ष्य हासिल कर पाएंगे। नाना साहब जो सोच या विजन छोड़ गए हैं, उसे आगे बढ़ाते हुए ही हम अपना भविष्य तय करेंगे।"

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 9 October 2026 at 08:45 IST