'नर्सिंग काफी सेक्शुअलाइज्ड प्रोफेशन है, उन्हें वो इज्जत नहीं मिलती जिसके...', नर्सों को लेकर कंगना रनौत ने अपने बयान से छेड़ी नई बहस

Kangana Ranaut: कंगना रनौत अपनी अपकमिंग फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' से धमाल मचाने वाली हैं। हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में नर्सों के प्रोफेशन के बारे में बात की है। आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कुछ कहा है।

Kangana Ranaut | Image: instagram

Kangana Ranaut: एक्ट्रेस कंगना रनौत अपनी अपकमिंग फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' विधाता को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं। इस फिल्म में वह एक नर्स की भूमिका निभा रही हैं। फिल्म के प्रचार के दौरान कंगना ने स्वास्थ्यकर्मियों, विशेषकर नर्सों की स्थिति और उनके पहनावे पर खुलकर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि हमारे समाज में नर्सों को वह सम्मान नहीं मिलता जिसकी वे हकदार हैं। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म में निभाए गए किरदार के बारे में भी अनुभव शेयर किया है।

नर्सिंग पेशे के बारे में कंगना से क्या बोला

कंगना ने एक इंटरव्यू में कहा कि नर्सिंग एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण पेशा है, लेकिन इसे समाज में अनावश्यक रूप से सेक्शुअलाइज किया जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों की इस पेशे के प्रति सोच में बदलाव आना जरूरी है। ए्कट्रेस का कहना है कि नर्सों को अक्सर कम वेतन मिलता है और उन पर काम का दबाव बहुत अधिक होता है। वे मरीजों की देखभाल से लेकर अस्पताल के प्रबंधन तक हर जिम्मेदारी बखूबी निभाती हैं, फिर भी उन्हें डॉक्टरों जैसी पहचान या सम्मान नहीं मिल पाता है।

ब्रिटिश प्रभाव वाली यूनिफॉर्म पर एक्ट्रेस की राय

फिल्म में नर्स की भूमिका निभाने के दौरान कंगना ने ड्रेस कोड पर भी सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, अभी भी भारतीय नर्सों की यूनिफॉर्म में ब्रिटिश और विदेशी प्रभाव स्पष्ट दिखता है। उन्होंने कहा कि पिन, कैप और बेल्ट वाला यह पहनावा विश्व युद्ध 1 और विश्व युद्ध 2 के दौर का लगता है। इसे भविष्य में बदलकर भारतीय लुक दिया जाना चाहिए। कंगना का मानना है कि इसे अधिक सहज और भारतीय परिवेश के अनुरूप बनाने की जरूरत है।

 

'भारत भाग्य विधाता' में 26/11 की अनकही कहानी

फिल्म 'भारत भाग्य विधाता', 26/11 के मुंबई आतंकी हमले की एक सच्ची घटना पर आधारित है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे उस खौफनाक रात में अस्पताल के कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर 400 मरीजों की रक्षा की थी। कंगना ने अस्पताल के उन स्टाफ सदस्यों की बहादुरी को सलाम किया है, जिन्होंने अजमल कसाब जैसे आतंकवादियों को पहचानने में मदद की थी। यह फिल्म ड्यूटी के प्रति उनके समर्पण और देशभक्ति की कहानी है। मनोज तपाड़िया द्वारा निर्देशित यह फिल्म 12 जून को रिलीज होने वाली है।

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Published By : Kirti Soni

पब्लिश्ड 8 June 2026 at 08:38 IST