अपडेटेड 17 November 2025 at 20:15 IST
120 Bahadur: फरहान अख्तर की फिल्म का नहीं बदलेगा टाइटल, याचिका पर भड़का कोर्ट, बोला- इतने सेंसिटिव क्यों?
120 Bahadur: फरहान अख्तर की फिल्म '120 बहादुर' का नाम बदलने की याचिका पर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। ये फिल्म 1962 में रेजांग ला में हुए भारत-चीन युद्ध पर आधारित है।
120 Bahadur: फरहान अख्तर की आगामी फिल्म '120 बहादुर' विवादों में घिर गई है। फिल्म में वो परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह भाटी का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म 1962 में रेजांग ला में हुए भारत-चीन युद्ध पर आधारित है जहां 120 बहादुरों ने 1300 चीनियों को मार गिराया था। फिल्म का टाइटल बदलने को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी जिसपर कोर्ट में सुनवाई हुई।
इस याचिका में रेजांग ला की ऐतिहासिक लड़ाई में लड़ने वाले अहीर सैनिकों के सम्मान में फिल्म का नाम बदलकर '120 वीर अहीर' करने की मांग की गई थी। ये युद्ध चार्ली कंपनी द्वारा लड़ा गया था जिसमें ज्यादातर अहीर सैनिक शामिल थे। यह फिल्म 21 नवंबर को रिलीज होगी।
'120 बहादुर' का नाम बदलने की याचिका पर सुनवाई
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने हाल ही में इस PIL पर सुनवाई की जहां चीफ जस्टिस शील नागू ने संयुक्त अहीर रेजिमेंट मोर्चा के याचिकाकर्ताओं और युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों की नाम बदलने की जिद पर हैरानी जताई।
उन्होंने याचिकाकर्ताओं से पूछा- “आप इस बात को लेकर इतने सेंसिटिव क्यों हैं कि फिल्म का नाम क्या होना चाहिए, क्या फिल्म का नाम फलां होना चाहिए? उस तीन घंटे या ढाई घंटे की फिल्म में सैनिकों की बहादुरी दिखाई जाएगी”।
'120 बहादुर' के खिलाफ याचिका में क्या था?
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ‘यह फिल्म सिर्फ मेजर सिंह का महिमामंडन करती है, और उनके साथ लड़ने वाले 117 अहीर सैनिकों की रेजिमेंटल पहचान और सामूहिक बलिदान को धूमिल करती है’। उन्होंने सभी सैनिकों के बलिदान को एक जैसा सम्मान देने की बात कही। याचिका में लिखा था कि “कोई भी एक नाम या चेहरा उन सम्मानों पर एकाधिकार नहीं कर सकता जिसके हकदार सभी शहीद हैं”।
निर्माता एक्सेल एंटरटेनमेंट की ओर से वकील अभिनव सूद ने दलील दी कि सेंसर बोर्ड और रक्षा मंत्रालय, दोनों ने फिल्म को मंजूरी दे दी है। सूद ने कहा कि जनहित याचिका समय से पहले दायर की गई है और सिर्फ तीन मिनट के ट्रेलर पर आधारित है।
इस बीच, केंद्र सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि रिलीज के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई होगी और दो दिनों के अंदर फैसला सुनाया जाएगा। इसके जवाब में, हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया और रिलीज के बाद आई शिकायत पर फिर से विचार करने की छूट दे दी।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 17 November 2025 at 20:15 IST