अपडेटेड 4 February 2026 at 10:35 IST
4 फरवरी तक करें सरेंडर... बुरे फंसे कॉमेडियन राजपाल यादव, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में आत्मसमर्पण करने का दिया आदेश
Bollywood: एक्टर राजपाल यादव चेक बाउंस से जुड़े मामले में घिरते नजर आ रहे हैं। कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी को शाम 4 बजे तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। मामला 16 साल पुराना है और यह चेक बाउंस से जुड़ा है।
Rajpal Yadav: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन एक्टर राजपाल यादव बड़ी कानूनी मुश्किल में फंस गए हैं। एक मामले में उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक जेल सुपरिटेंडेंट के सामने सरेंडर करने को कहा है। कोर्ट ने यह आदेश एक चेक बाउंस मामले में में कोर्ट की कार्यवाही का उल्लंघन करने के बाद दिया है।
मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने निर्देशक के तौर पर अपनी पहली फिल्म 'अता-पता लापता' बनाने के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपए कर्ज के तौर पर लिए थे। फिल्म आर्थिक रूप से सफल नहीं हो पाई, जिसके बाद कर्ज की रकम लौटाने में देरी होती गई।
कोर्ट ने दिया ये आदेश
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि राजपाल यादव को कई मौके दिए गए, लेकिन उन्होंने बार-बार कोर्ट का भरोसा तोड़ा है। कोर्ट ने उनके व्यवहार को निदंनीय बताया। चेक बाउंस मामलों में बार-बार किए वादों का उल्लंघन बेहद गंभीर है।
कोर्ट ने राजपाल यादव को 4 फरवरी शाम 4 बजे तक सरेंडर करने की मोहलत दी है। कोर्ट की ओर से यह राहत उनके वकील के अनुरोध पर दी गई, जिन्होंने बताया गया कि एक्टर मुंबई में पेशेवर काम में व्यस्त हैं। इसके साथ ही अदालत ने पहले से जमा रकम शिकायतकर्ता कंपनी को भी जारी करने का आदेश भी दिया है। मामले में अगली सुनवाई 5 फरवरी को होगी, जिसमें जेल सुपरिटेंडेंट से अनुपालन रिपोर्ट मांगी जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता कंपनी ने आरोप लगाया है कि रकम चुकाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हुए। इस मामले की सुनवाई के दौरान कड़कड़डूमा कोर्ट की ओर से राजपाल यादव को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन वे काफी समय तक कोर्ट में पेश नहीं हुए। साल 2013 में उनको 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। राजपाल चार दिन के लिए 3 से 6 दिसंबर 2013 तक जेल में रहे थे। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अपील पर सजा निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद निचली अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को मामले में छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी। एक्टर ने इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी। जून 2024 में हाई कोर्ट ने यह कहते हुए सजा पर अस्थायी रोक लगा। साथ ही कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी समझौते की संभावनाएं तलाशने को भी कहा और केस को मेडिएशन सेंटर भेजा गया।
राजपाल यादव की तरफ से अदालत को भरोसा दिलाया कि वह शिकायतकर्ता कंपनी को 2.5 करोड़ रुपए का भुगतान करेंगे, जिसमें पहली किश्त 40 लाख की और दूसरी किश्त 2.10 करोड़ रुपए की शामिल थी। कोर्ट के अनुसार, तय समयसीमा में एक भी किश्त जमा नहीं की गई। इस पर एक्टर ने ड्राफ्ट में टाइपिंग की गलती का तर्क दिया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने जनवरी 2026 में राजपाल यादव को अंतिम मौका दिया था, लेकिन बावजूद इसके अब तक भुगतान नहीं किया गया।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 4 February 2026 at 10:35 IST