जीभ नहीं टच करना, KISS सीन में बाइट नहीं...कैसे शूट होते हैं इंटीमेट सीन्स? एक्ट्रेस ने बताया; बोली- अंडरगार्मेंट का कलर भी होता है फिक्स
नेहल वडोलिया ने बताया है कि सेट पर इंटीमेट सीन्स के लिए इंटीमेसी कॉर्डिनेटर्स होते हैैं। साथ ही खुलासा किया है कि इंटीमेट सीन्स की शूटिंग कैसे की जाती है। ऐसे सीन्स के लिए इंटीमेसी कॉर्डिनेटर किस तरह से काम करते हैं। वो एक्टर्स को किस तरह से कंफर्ट करते हैं। उनकी जिम्मेदारी क्या-क्या होती है।
Nehal Vadoliya: ओटीटी की बोल्ड एक्ट्रेस नेहल वडोलिया अब इंटीमेसी कॉर्डिनेटर बन चुकी हैं। ‘गंदी बात 3’, ‘जूली’ समेत कई वेब सीरीज़ में काम कर चुकी नेहल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इंटीमेट सीन्स की शूटिंग के पीछे का पूरा सच खोलकर रख दिया।
नेहल ने बताया कि इंटीमेसी कॉर्डिनेटर का काम सिर्फ एक्टर्स को कंफर्ट देना नहीं है, बल्कि पूरी टीम को सही तरीके से गाइड करना भी है। उन्होंने खुलासा किया कि इंटीमेसी कॉर्डिनेटर की सैलरी 50 हजार से 1 लाख रुपये प्रति प्रोजेक्ट तक हो सकती है।
इंटीमेसी कॉर्डिनेटर की भूमिका क्या-क्या होती है?
उन्होंने बताया कि इंटीमेसी कॉर्डिनेटर की जरूरत एक्टर्स के साथ-साथ डायरेक्टर को भी पड़ती है। कई बार ऐसा होता है कि वो सीन्स को इंटीमेसी कॉर्डिनेटर से बेहतर नहीं समझ पा रहे होते। लेकिन इंटीमेसी कॉर्डिनेटर की मदद के बाद आप उस सीन को महसूस कर पाते हैं।
नेहल आगे बताती हैं कि कई बार एक्टर्स डायरेक्टर्स के साथ उस आरामदायक दायरे में बात नहीं कर पाते, जो वो इंटीमेसी कॉर्डिनेटर से खुलकर करते हैं। जैसे कि अंडर गारमेंट्स का कलर क्या होना चाहिए, एक्सपोज कितना करना है। ये सभी चीजें डायरेक्टर नहीं बता पाते। इस दौरान हमारी यानी इंटीमेसी कॉर्डिनेटर की जरूरत पड़ती है।
कितनी इंटीमेसी और कितना एक्सपोज करन….
नेहल के मुताबिक, डायरेक्टर्स उन्हें उन इंटीमेसी सीन की स्क्रिप्ट भेजते हैं, जो उन्हें एक्टर्स से करवानी होती है। कई बार एक्टर्स कंफर्ट और सेफ फील नहीं करते हैं। ऐसे में वो भरोसा दिलाते हैं कि ये सीन हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि एक्टर्स अपने मन मुताबिक इंटीमेट सीन नहीं कर सकते। उन्हें क्लॉज में लिखी बातों को फॉलो करना पड़ता है। साथ ही खुलासा किया कि सभी चैनल्स के अपने-अपने टर्म्स होते हैं जैसे- कितनी इंटीमेसी होनी चाहिए या कितना एक्सपोज करना है।
इतना ही नहीं, एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि ऐसे इंटीमेट सीन्स एक्टर्स डायरेक्ट नहीं करते। बल्कि उनसे पहले इंटीमेसी कॉर्डिनेटर को बकायदा वो सीन परफॉर्म करके उन्हें दिखाना होता है। इस दौरान वो सेट पर एक्टर्स से सीन को लेकर खुलकर बात करते हैं। साथ ही उन्हें कंफर्ट करने की कोशिश करते हैं।
एक्ट्रेस से हुई गंदी डिमांड?
उनके मुताबिक, सेट पर उनकी (इंटीमेसी कॉर्डिनेटर) कम से कम 4 घंटे की जरूरत पड़ती है। लेकिन अगर इंटीमेसी कॉर्डिनेटर की मौजूदगी नहीं होती तो इससे मेकर्स का प्रोडक्शन कॉस्ट (खर्च) बढ़ जात है। इसके अलावा समय भी अधिक लगता है।
नेहल कहती हैं कि डायरेक्टर काम सिखाते हैं। लेकिन इसके साथ-साथ उनके कुछ निजी लालच भी होते हैं। उन्होंने बताया कि बतौर एक्ट्रेस उनसे किसी तरह की डिमांड नहीं हुई, लेकिन जब वो इंटीमेसी कॉर्डिनेटर बनीं तो उनसे डिमांड होने लगी। उन्होंने एक हैरतअंगेज खुलासा करते हुए बताया कि एक डायरेक्टर ने उन्हें काम सिखाया। डायरेक्टर की कुर्सी पर बैठाया। लेकिन काम खत्म होने के बाद जब यूनिट चली गई तो उनसे अजीबो-गरीब बात की।
डायरेक्टर ने एक्ट्रेस के कहा कि आप इंटीमेसी कॉर्डिनेटर हैं। ऐसे में आपको सभी सीन्स बड़े ही अच्छे ढंगे से आते होंगे। असल जिंदगी में भी अच्छे से करते होंगे। आप होटल तो जाती ही होंगी।
'मुझे तुम्हारी बॉडी पसंद, हम ट्राई कर सकते हैं'
एक और डायरेक्टर ने उनसे अकेले में कहा कि उन्होंने इंटीमेट सीन बहुच अच्छे तरीके से करवाया है। अगली बार वो उन्हें फिर बुलाएंगे। इसके बाद उन्होंने उनका इंस्टा अकाउंट देखकर उनके करेंट रिलेशनशिप स्टेटस के बारे में पूछा। उन्होंने बताया कि वो सिंगल हैं। तभी उन्होंने एक्ट्रेस से कहा कि हम ट्राई कर सकते हैं। तुम्हारी बॉडी मुझे पसंद है।
किसिंग सीन्स के लिए क्या नियम?
इतना ही नहीं, ऐसे सीन्स की शूटिंग के लिए कुछ शर्ते भी रखी जाती हैं। जिसमें नॉनवेज, प्याज-लहसुन नहीं खाना, नहाकर और परफ्यूम लगाकर आना शामिल है। माउथ फ्रेशनर खाने की भी बात की जाती है।
इसके अलावा किसिंग सीन्स के लिए भी कई नियम है। जैसे की एक-दूसरे की जीभ टच नहीं होनी है। सिर्फ लिप्स के आसपास ही किस करना है। एकदम डीप नहीं जाना और न ही बाइट करना है। साथ ही चीट किस भी होती है, जो कैमरा एंगल की मदद से होती है। एक्टर्स के बीच असल में किस नहीं होता।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 25 April 2026 at 09:16 IST