Jharkhand Election: क्या CM हेमंत सोरेन का नामांकन खतरे में है? असम सीएम हिमंता ने किया बड़ा खुलासा
चुनाव के बीच सीएम हेमंत सोरेन के प्रस्तावक मंडल मुर्मू JMM छोड़कर BJP में शामिल हो गए हैं। अगर मुर्मू भी नामांकन कर देते, तो सोरेन का नामांकन खतरे में आ जाता।
Jharkhand Election 2024: झारखंड में दो चरणों में 13 और 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव के तहत मतदान होगा। इससे पहले वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए हर पार्टी ने पूरा जोर लगा दिया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के नेता लगातार एक-दूसरे पर जुबानी वार कर रहे हैं। असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि हेमंत सोरेन मेरे खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत कर रहे हैं कि मैं घुसपैठियों पर क्यों बोल रहा हूं। शिकायत का कारण ये है कि मैं घुसपैठियों के खिलाफ क्यों बोल रहा हूं।
असम सीएम हिमंता ने आरोप लगाया कि JMM भारतीय लोगों की नहीं, घुसपैठियों की पार्टी बन गई है। उनकी पार्टी घुसपैठियों के बारे में ज्यादा बोलती है, इसलिए वो UCC का भी विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की आदत दो-तीन शादी करने की है। क्या बाल विवाह होना चाहिए, क्या एक मर्द को चार शादियों की इजाजत मिलनी चाहिए? वोट के लिए गुरुजी का बेटा कैसे ये कर सकता है?
क्या CM हेमंत सोरेन का नामांकन खतरे में है?
विधानसभा चुनाव के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रस्तावक मंडल मुर्मू JMM छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए है। असम सीएम हिमंता का भी इसपर बयान आया है। उन्होंने कहा कि 'हम वो काम नहीं करेंगे, जिससे हेमंत सोरेन का नामांकन खतरे में आ जाए। बीजेपी और मंडल मुर्मू ने बात कर निर्णय लिया कि वो चुनाव नहीं लड़ेंगे।' सीएम हिमंता ने कहा कि अगर मंडल मुर्मू भी चुनाव के लिए नामांकन कर देते, तो हेमंत सोरेन का नामांकन खतरे में आ जाता।
हेमंत सोरेन के प्रस्तावक बीजेपी में शामिल
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बरहैत विधानसभा क्षेत्र से नामांकन के प्रस्तावकों में से एक मंडल मुर्मू बीजेपी में शामिल हो गए। साल 1855 में संथाल विद्रोह का नेतृत्व करने वाले सिदो-कान्हू के वंशज मुर्मू रविवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा की मौजूदगी में देवघर में पार्टी में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री हिमंता ने कहा कि झारखंड की मौजूदा सरकार की गलत नीतियों के कारण आदिवासी समाज की संस्कृति खतरे में है, इसलिए समाज का हर वर्ग आज बीजेपी से जुड़ रहा है। आपको बतादें कि बीजेपी ने बरहैत में सोरेन के खिलाफ गमलियल हेम्ब्रम को मैदान में उतारा है। साहिबगंज जिले के बरहैत (अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित) निर्वाचन क्षेत्र के मौजूदा विधायक सोरेन ने 2019 के विधानसभा चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के साइमन मालटो को 25,740 मतों के अंतर से हराया था।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 4 November 2024 at 22:52 IST