दिल्ली चुनाव में 19 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक केस, AAP प्रत्याशियों पर सबसे ज्यादा और BJP पर सबसे कम
ADR ने 699 उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों के साथ प्रस्तुत हलफनामों के विश्लेषण के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। 19% उम्मीदवारों ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ रहे 19 प्रतिशत उम्मीदवारों ने उनके खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किये हैं। चुनावी और राजनीतिक सुधारों के लिए काम करने वाले गैर-सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) ने यह जानकारी दी।
यह आंकड़ा 2020 के चुनाव की तुलना में थोड़ी गिरावट दर्शाता है जिसमें 20 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने हलफनामों में आपराधिक मामलों की सूचना दी थी। एडीआर ने 699 उम्मीदवारों द्वारा उनके नामांकन पत्रों के साथ प्रस्तुत हलफनामों के विश्लेषण के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है।
12 प्रतिशत पर गंभीर आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ रहे 12 प्रतिशत उम्मीदवार गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं, जिनमें पांच या इससे अधिक साल की सजा वाले अपराध शामिल हैं। इन आरोपों में हत्या, हत्या के प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामले शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 13 उम्मीदवारों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले घोषित किए हैं, जबकि दो पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का आरोप है। पांच उम्मीदवारों पर आईपीसी की धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप है।
दलीय विश्लेषण के अनुसार, आम आदमी पार्टी (आप) के 63 प्रतिशत उम्मीदवारों ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें से 41 प्रतिशत गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस के 41 प्रतिशत उम्मीदवारों ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जिनमें से 19 प्रतिशत गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। तीनों प्रमुख दलों में भाजपा के उम्मीदवारों का आपराधिक मामलों का सामना करने का अनुपात सबसे कम है, जो 29 प्रतिशत है। भाजपा के 13 प्रतिशत उम्मीदवारों ने उनके खिलाफ गंभीर आरोप घोषित किए हैं।
दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा और मतगणना आठ फरवरी को होगी।
(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 27 January 2025 at 20:48 IST