'हमारा मंत्र है, 'नागरिक देवो भव:, बंगाल की प्रचंड जीत जनता को समर्पित', बोले-PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में बीजेपी की जीत पर कहा, आज देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भाजपा-NDA की सरकारे हैं। हमारा मंत्र है, 'नागरिक देवो भव:'। हम जनता की सेवा में जुटे हुए हैं और इसलिए जनता भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी मुख्यालय में अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम बंगाल में हमारी प्रचंड जीत जनता को समर्पित है। जय पराजय लोकतंत्र और चुनावी राजनीति का एक स्वाभाविक हिस्सा होता है। लेकिन आज पांच प्रदेशों की जनता ने पूरे विश्व के दिखाया है ये हमारा भारत, मदर ऑफ डेमोक्रेसी क्यों है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज हम भारत की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देख रहे हैं। आज पूरे देश में एक भी ऐसा राज्य नहीं है जहां कम्यूनिस्ट पार्टी की सरकार हो। यह सिर्फ सियासत का बदलाव नहीं है, यह सोच का बदलाव है। यह बताता है कि विकसित होता हुआ भारत किस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। आज का भारत अवसर चाहता है, विकास चाहता है, विश्वास चाहता है, आज का भारत प्रगति चाहता है, स्थिरता चाहता है, आज का भारत ऐसी राजनीति चाहता है जो देश को आगे बढ़ाए लेकिन दुर्भाग्य से आज की कांग्रेस बिल्कुल विपरीत दिशा में चल पड़ी है। ऐसे समय में जब पूरा देश कम्युनिज्म से किनारा कर चुका है तब कांग्रेस उसी विचारधारा को अपनाने में लगी है जिसे देश ने ठुकरा दिया है।"
हमारा मंत्र है, 'नागरिक देवो भव:-PM मोदी
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भाजपा-NDA की सरकारे हैं। हमारा मंत्र है, 'नागरिक देवो भव:'। हम जनता की सेवा में जुटे हुए हैं और इसलिए जनता भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर रही है। जनता साफ देख रही है जहां भाजपा वहां गुड गवर्नेंस, जहां भाजपा वहां विकास। आप बीते 2 साल के ट्रेंड को देखिए। हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनी, महाराष्ट्र में भाजपा की जोरदार विजय हुई, दिल्ली में अभूतपूर्व जीत हासिल हुई, बिहार में हमें पहले से भी बड़ी जीत मिली..."
विभाजन नहीं विश्वास चाहिए-PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा, "आज देश का हर राज्य भी एक-दूसरे से लड़कर नहीं, एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहता है। इन चुनावों ने इस संदेश को भी बहुत स्पष्ट किया है। बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में जिन तीन सरकारों को जनता ने सत्ता से बाहर किया उनकी एक समान पहचान थी, विभाजन की राजनीति। यही उनकी पहचान थी। उनकी राजनीति जोड़ने की नहीं, तोड़ने की थी। कभी भाषा के नाम पर विवाद खड़ा किया गया, कभी खाने-पीने की आदतों को लेकर समाज को बांटने की कोशिशें हुईं, कभी अपने ही देश के लोगों को तक बाहरी कहा गया लेकिन भारत की जनता ने इस राजनीति को साफ जवाब दिया है। देश ने बता दिया है कि उसे विवाद नहीं विकास चाहिए, विभाजन नहीं विश्वास चाहिए।"
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 4 May 2026 at 19:53 IST