BREAKING: सुवेंदु अधिकार होंगे पश्चिम बंगाल के नए CM, विधायक दल की बैठक में हो गया कन्फर्म, कल 11 बजे लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
बंगाल की राजनीति से जुड़ी सबसे बड़ी खबर आ रही है। सुवेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है और अब वो पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री होंगे।
Suvendu Adhikari West Bengal New Chief Minister: बंगाल की राजनीति से जुड़ी सबसे बड़ी खबर आ रही है। सुवेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है और अब वो पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री होंगे। उनके नाम पर औपचारिक मुहर लग गइ है। सुवेंदु अधिकारी कल यानी के 9 मई को 11 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे। पर्यवेक्षक के तौर पर बंगाल गए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से शुभेंदु अधिकारी के नाम पर बंगाल सीएम पर मुहर लगाई गई।
नाम का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि प्रस्ताव के तौर पर सुवेंदु अधिकारी के अलावा और कोई दूसरा नाम नहीं आया था। उन्होंने कहा कि सुवेंदु अधिकारी के नाम पर सहमति बनी। गौरतलब है कि 2021 में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट पर हराया था, जबकि इस बार ममता को भवानीपुर में उनके गढ़ में जाकर सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव मे शिकस्त दी है।
राजभवन जाकर नई सरकार का दावा करेंगे सुवेंदु अधिकारी
बंगाल बीजेपी विधायक दल की बैठक के बाद अब सुवेंदु अधिकारी थोड़ी देर में राजभवन जाकर राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा करेंगे। कल सुबह वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। बंगाल में शपथग्रहण के लिए 9 मई की तारीख चुनने के पीछे खास मकसद है। यह तारीख बंगाली कैलेंडर के अनुसार रवींद्रनाथ टैगोर जयंती की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पश्चिम बंगाल में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण में शामिल होने आ सकते हैं।इसके साथ ही, दो डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा चल रही है।
सुवेंदु अधिकारी ही क्यों बनेंगे बंगाल के मुख्यमंत्री?
बंगाल में सुवेंदु अधिकारी एकमात्र ऐसे नेता हैं जिन्होंने एक बार नहीं 2-2 बार TMC सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया। 2021 में नंदीग्राम में हराया और इस बार ममता के गढ़ भवानीपुर में जाकर दीदी को मात दी। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी की दावेदारी और मजबूत हो गई।
शुभेंदु अधिकारी बीजेपी की जीत के आर्किटेक्ट भी माने जाते हैं, जिन्होंने बीजेपी का आंकड़ा 207 तक पहुंचा दिया। वो नेता प्रतिपक्ष रहे हैं इसलिए प्रशासनिक अनुभव भी है। पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के भरोसेमंद भी हैं और बीजेपी नेता भी कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री वही बनेगा जो हिंदू हृदय सम्राट होगा
सुवेंदु अधिकारी का छोटा सा परिचय
सुवेंदु अधिकारी अविवाहित हैं। उनका जन्म 15 दिसंबर 1970 को पूर्वी मेदिनीपुर के कांथी में हुआ था। उनका परिवार भी राजनीति से जुड़ा था। उनके पिता शिशिर अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति में जाने-माने नाम थे। सुवेंदु अधिकारी पर भी अपने पिता का प्रभाव पड़ा। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1989 में कांग्रेस की छात्र परिषद से की।
साल 1995 में वह उस वक्त चर्चा में आए, जब कांथी नगर पालिका में उन्हें पार्षद चुना गया। साल 1998 में जब टीएमसी की शुरुआत हुई तो सुवेंदु तृणमूल कांग्रेस से जुड़ गए। धीरे-धीरे उन्होंने राजनीति पर पकड़ बना ली और वह इतने मजबूत हो गए कि साल 2014 में मोदी लहर के बावजूद अपनी लोकसभा सीट जीते। ममता बनर्जी ने भी उनका लोहा माना और परिवहन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय दिए।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 8 May 2026 at 16:48 IST