'काउंटिंग सेंटर में मोबाइल लेकर घुसीं ममता बनर्जी और...', सुवेंदु अधिकारी के पोलिंग एजेंट ने लगाए कई गंभीर आरोप, VIDEO
पश्चिम बंगाल चर्चित भवानीपुर सीट की काउंटिंग को लेकर लगातार हंगामा जारी है। सुवेंदु अधिकारी के चुनाव एजेंट सूर्यनिल दास ने ममता बनर्जी पर बिना आईडी कार्ड और मोबाइल के साथ काउंटिंग हॉल में जाने का आरोप लगाया है। जानें क्या है पूरा मामला? पढ़ें पूरी खबर।
West Bengal counting controversy: पश्चिम बंगाल में सबसे चर्चित सीट भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के उम्मीदवार सुवेंदू अधिकारी के मुख्य चुनाव एजेंट सूर्यनिल दास ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ममता बनर्जी नियमों का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस पर भी आरोप लगाए कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी भूल चुकी है।
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच मतगणना केंद्रों से विवाद की खबरें सामने आ रही हैं। सुवेंदु अधिकारी के मुख्य चुनाव एजेंट सूर्यनिल दास ने निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है।
‘ममता ने बिना ID और मोबाइल लेकर प्रवेश किया’
सूर्यनिल दास के मुताबिक, ममता बनर्जी मतगणना परिसर में बिना आधिकारिक आईडी कार्ड के दाखिल हुईं और उनके पास मोबाइल फोन भी था। उन्होंने कहा, 'चुनाव आयोग के स्पष्ट आदेश हैं कि काउंटिंग हॉल में प्रवेश के लिए QR कोड वाला आईडी कार्ड अनिवार्य है, जिसे स्कैन किया जाना चाहिए। फिर उन्हें अंदर कैसे जाने दिया गया?'
बीजेपी ने इसे चुनाव नियमों में चूक बताया
बीजेपी ने इस घटना को सुरक्षा और चुनाव नियमों में बड़ी चूक बताया है। सूर्यनिल दास ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि, बंगाल पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। जब तक इस लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक मतगणना आगे नहीं बढ़नी चाहिए। मोबाइल फोन ले जाना नियमों का सीधा उल्लंघन है।'
क्या बोलीं ममता?
दूसरी ओर 15 साल बाद बंगाल चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी ने भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, 'मेरे को पीटा, लात मारी, मेरे एजेंट को घुसने नहीं दिया।' इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हम एक बार फिर जोरदार वापसी करेंगे।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'BJP ने 100 से ज्यादा सीटें लूट लीं। चुनाव आयोग तो BJP का आयोग बन गया है। मैंने CO और मनोज अग्रवाल से भी शिकायत की, लेकिन वे कुछ नहीं कर रहे हैं। क्या आपको लगता है कि यह जीत है? यह एक अनैतिक जीत है, नैतिक जीत नहीं। चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ मिलकर जो कुछ भी किया है, वह पूरी तरह से गैर-कानूनी है। यह लूट है, लूट है, लूट है। हम जोरदार वापसी करेंगे।' इस विवाद के बाद मतगणना केंद्र पर तनाव का माहौल देखा गया।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 4 May 2026 at 21:04 IST