Assembly Elections 2026: बंगाल में अबकी बार किसकी सरकार? 152 सीटों पर वोटिंग; तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत EVM में होगी कैद
Assembly Elections 2026: 23 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु की सभी 234 सीटों और पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर पहले चरण का मतदान होगा। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए व्यापक सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था की है।
Assembly Elections 2026: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावी शोर अब थम चुका है और राज्य की जनता लोकतंत्र के सबसे बड़े त्योहार में अपनी भागीदारी निभाने के लिए तैयार है। गुरुवार, 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। तमिलनाडु में जहां सभी 234 सीटों के लिए एक साथ मतदान होगा, वहीं पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 16 जिलों की 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। दोनों राज्यों में लाखों उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत गुरुवार शाम तक EVM में बंद हो जाएगी।
सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम
तमिलनाडु की मुख्य चुनाव अधिकारी अर्चना पटनायक ने बताया कि राज्य के सभी 33,133 स्थानों पर स्थित 75 हजार 64 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। राज्य के करीब 5.73 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 14 लाख मतदाता पहली बार वोट डालने जा रहे हैं।
मतदान के अनुभव को बेहतर और यादगार बनाने के लिए 249 मॉडल मतदान केंद्र, महिला और दिव्यांगजन संचालित बूथ भी तैयार किए गए हैं। इस चुनाव में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK की मौजूदगी ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।
बंगाल में 16 जिलों की 152 सीटों पर चुनाव
वहीं, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के लिए 16 जिलों की 152 सीटों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और जंगलमहल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 2,407 टीमें तैनात की गई हैं।
राज्य के 44,376 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग के जरिए नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके। चुनाव आयोग ने चेतावनी दी है कि मतदाताओं को बूथ तक जाने से रोकने या किसी भी प्रकार की बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
4 मई को आएंगे नतीजे
मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने डिजिटल निगरानी भी तेज कर दी है। तमिलनाडु में जहां अब तक 1,262 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की गई है, वहीं सोशल मीडिया पर उल्लंघन करने वाले 2180 URL को ब्लॉक किया गया है। दोनों राज्यों में मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी बूथों पर छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
इसके साथ ही, उम्मीदवारों के प्रचार पर पूरी तरह रोक लग चुकी है और अब जनता का फैसला ही सर्वोपरि होगा। सभी राज्यों में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 मई को मतगणना होगी और जनता यह तय करेगी कि उनके राज्य की सत्ता की चाबी किसके हाथ में होगी।
Published By : Shashank Kumar
पब्लिश्ड 22 April 2026 at 23:55 IST