Kerala Assembly Elections 2026: केरल में 9 अप्रैल को एक चरण में होगी वोटिंग, चुनाव प्रचार का आखिरी दिन; जानें राज्य के 5 बड़े मुद्दे और कब आएंगे नतीजे
Kerala Elections 2026: केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक चरण में होगा। जहां 2.7 करोड़ मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। 140 सीटों पर वोटिंग होगी। जानें राज्य में 5 बड़े मुद्दे क्या है और रिजल्ट कब तक आएगा। पढ़ें पूरी खबर।
Kerala assembly elections 2026: केरल में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होने जा रहा है। चुनाव प्रचार का (7 अप्रैल) आखिरी दिन है। राज्य की कुल 140 विधानसभा सीटों पर लगभग 2.7 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को खत्म हो रहा है। वहीं, वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
चुनाव आयोग के मुताबिक, केरल के साथ असम और पुडुचेरी में भी 9 अप्रैल को मतदान होना है। इसके अलावा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पहले चरण के चुनाव 23 अप्रैल को होंगे। सभी राज्यों के नतीजे एक साथ 4 मई को घोषित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान की पूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। केरल विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो राज्य में कुछ खास मुद्दे हैं जिसकों ध्यान में रखते हुए लोग अपने वोटों का इस्तेमाल करेंगे।
केरल में 5 बड़े मुद्दे क्या?
केरल के मतदाताओं के लिए इस चुनाव में ये 5 मुद्दे सबसे अहम बनकर उभरे हैं:
- महंगाई केरल में आम जनता की सबसे बड़ी चिंता है।
- बेरोजगारी की बात करें तो खासकर 18-34 साल के युवाओं के लिए बड़ी समस्या।
- भ्रष्टाचार को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है।
- शराब और नशीली दवाओं के दुरुपयोग का मुद्दा भी हावी है।
- कानून व्यवस्था भी राज्य में बड़ा मुद्द बनकर उबरी है। सुरक्षा और शांति को लेकर चिंता बनी हुई है।
राजनीतिक दल जोर-शोर से प्रचार में लगे
सभी प्रमुख दल चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राज्य में सत्ता हासिल करने की पूरी कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 अप्रैल को केरल में चुनावी रैली की। उन्होंने लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और यूडीएफ पर एफसीआरए विधेयक और समान नागरिक संहिता को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 5 अप्रैल को कोझिकोड में भव्य रोड शो किया। बेपोर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस रोड शो में बीजेपी उम्मीदवार एडवोकेट के.पी. प्रकाश बाबू भी शामिल रहे। हजारों लोगों ने शाह का जोरदार स्वागत किया। यह रोड शो पार्टी के प्रचार अभियान का हिस्सा था।
केरल में त्रिकोणीय मुकाबला
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में पहली बार एक मजबूत 'त्रिकोणीय मुकाबला' हो सकता है। पिछले 10 साल से केरल की सत्ता संभाल रही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के अलावा, इस चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) भी पूरी ताकत से मैदान में उतर आया है।
केरल के इस विधानसभा चुनाव पर पूरे देश की नजर है। 9 अप्रैल को होने वाला मतदान और लोग ईवीएम बटन दबाकर अपना फैसला सुनाएंगे। नतीजे 4 मई को आएंगे और नई सरकार का गठन जल्द ही हो जाएगा।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 6 April 2026 at 21:52 IST