सीमा पर पाकिस्तान-चीन के ऊपर कड़ी निगरानी रखेगी भारतीय सेना, 10 MALE ड्रोन खरीदने की तैयारी में रक्षा मंत्रालय
रक्षा मंत्रालय भारतीय तटरक्षक बल के लिए 10 MALE ड्रोन खरीदेगा। इस ड्रोन से भारतीय सेना पाकिस्तान-चीन सीमा के ऊपर कड़ी निगरानी रखेगी। ड्रोन के लिए अडानी, सोलर और टाटा 2,000 करोड़ रुपये के टेंडर के लिए बोली लगा सकते हैं।
- डिफेंस न्यूज
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पूरी दुनिया इस समय रक्षा बल में बड़ी संख्या में ड्रोन शामिल करके अपनी निगरानी क्षमताओं का विस्तार कर रही हैं। इस बीच रक्षा मंत्रालय ने भारतीय तटरक्षक बल के लिए 10 मध्यम ऊंचाई लंबी सहनशक्ति (एमएएलई) मानवरहित हवाई ड्रोन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि पाकिस्तान और अन्य क्षेत्रों के साथ भारतीय समुद्री सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने 15 जुलाई के आसपास जारी एक सूचना अनुरोध में कहा, "भारत सरकार का रक्षा मंत्रालय भारतीय तटरक्षक बल द्वारा उपयोग के लिए दस (10) मध्यम ऊंचाई वाले लंबे समय तक उड़ान भरने वाले (एमएएलई) रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (आरपीए) खरीदने की तैयारी कर रहा है।'
पाकिस्तान-चीन सीमा पर कड़ी निगरानी रखेगी भारतीय सेना
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार रक्षा मंत्रालय पहले से ही भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना के लिए 87 MALE ड्रोन खरीदने के 32,000 करोड़ रुपये के एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, अडानी डिफेंस, सोलर इंडस्ट्रीज, राफे एमफाइबर और लार्सन एंड टुब्रो जैसी बड़ी भारतीय कंपनियां होड़ में हैं।
अब तक भारतीय तटरक्षक बल निगरानी के लिए डॉर्नियर समुद्री निगरानी विमान और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करता रहा है, लेकिन यह पहली बार होगा जब यह बल निगरानी और खोज-बचाव अभियानों के लिए बड़े आकार के ड्रोन का इस्तेमाल करेगा।
भारतीय तटरक्षक बल को मिलेगी मजबूती
इंडियन कोस्ट गार्ड अब तक डोर्नियर मैरीटाइम सर्विलांस एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करता रहा है, लेकिन यह पहली बार होगा जब यह फ़ोर्स निगरानी और खोज-बचाव अभियानों के लिए बड़े आकार के ड्रोन का इस्तेमाल करेगी।
इंडियन कोस्ट गार्ड इन ड्रोन्स को हासिल करना चाहती है क्योंकि 'लाइन ऑफ साइट' (BLOS) से परे निगरानी और टोह लेने की ज़रूरत बढ़ रही है। SATCOM-इनेबल्ड MALE UAVs का इस्तेमाल हमारी सीमाओं—जिनमें समुद्री सीमाएं भी शामिल हैं—की पूरी लंबाई पर लगातार निगरानी और कवरेज के लिए किया जा सकता है।
7 अक्टूबर तक अपनी बोलियां जमा करने का समय
कोस्ट गार्ड ने संभावित बोली लगाने वालों को 7 अक्टूबर तक अपनी बोलियां जमा करने का समय दिया है। कोस्ट गार्ड ने गुजरात सेक्टर में पाकिस्तान के साथ समुद्री सीमाओं पर नज़र रखने में अहम भूमिका निभाई है और साथ ही पूर्वी तट और अंडमान-निकोबार व लक्षद्वीप जैसे द्वीपीय इलाकों में गैर-कानूनी गतिविधियों पर भी नजर रखता है।
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 22 July 2026 at 23:05 IST