अपडेटेड 1 February 2026 at 09:18 IST

Budget 2026: पहले 28 फरवरी शाम 5 बजे पेश होता था बजट, अब 1 फरवरी सुबह 11 बजे क्यों? जानिए इस बदलाव के पीछे की पूरी कहानी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में भारत का यूनियन बजट (Union Budget) 2026 पेश करेंगी। यह मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट और निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा।

Follow :  
×

Share


Budget 2026: पहले 28 फरवरी शाम 5 बजे पेश होता था बजट, अब 1 फरवरी सुबह 11 बजे क्यों? जानिए इस बदलाव के पीछे की पूरी कहानी | Image: ANI

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में भारत का यूनियन बजट (Union Budget) 2026 पेश करेंगी। यह मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट और निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहले बजट हर साल 28 फरवरी को शाम 5 बजे पेश किया जाता था? अब क्यों तारीख 1 फरवरी और समय सुबह 11 बजे हो गया? ये बदलाव सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि गहरे ऐतिहासिक, प्रशासनिक और प्रतीकात्मक कारणों से हुए हैं।

तारीख और समय में बदलाव की असली वजह

आजादी से पहले और आजादी के बाद भी लंबे समय तक (1999 तक) केंद्रीय बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था। यह समय ब्रिटिश राज के दौरान तय किया गया था। उस वक्त भारत और ब्रिटेन के बीच 4 घंटे 30 मिनट का समय अंतर था (भारत आगे था)। शाम 5 बजे भारत में बजट पेश होने पर लंदन में सुबह 11:30 बजे होते थे।

इससे ब्रिटिश सरकार और अधिकारी तुरंत बजट की जानकारी प्राप्त कर पाते थे और जरूरी फैसले ले सकते थे। यह एक औपनिवेशिक परंपरा थी, जो भारत की आर्थिक नीतियों को ब्रिटिश हितों से जोड़े रखने के लिए बनाई गई थी। आजादी के बाद भी यह परंपरा जारी रही, क्योंकि बदलाव की जरूरत महसूस नहीं हुई।

आत्मनिर्भरता और औपनिवेशिक बंधनों से मुक्ति का प्रतीक

वर्ष 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने पहली बार (27 फरवरी 1999 को) बजट सुबह 11 बजे पेश किया। भारत अब ब्रिटिश कॉलोनी नहीं था, इसलिए लंदन के समय के हिसाब से बजट पेश करने की कोई जरूरत नहीं थी। यह बदलाव स्वतंत्र भारत की आत्मनिर्भरता और औपनिवेशिक बंधनों से मुक्ति का प्रतीक था।

सुबह 11 बजे पेश करने से बजट के बाद सांसदों, अधिकारियों और मीडिया को पूरे दिन चर्चा, विश्लेषण और बहस के लिए पर्याप्त समय मिल जाता था। शाम 5 बजे पेश होने पर रात हो जाती थी, जिससे गहन चर्चा मुश्किल हो जाती थी। 1999 के बाद से यह परंपरा स्थापित हो गई। अब हर साल बजट सुबह 11 बजे ही पेश किया जाता है, भले ही तारीख कोई भी हो।

साल 2017 से तारीख बदलकर 1 फरवरी कर दी गई

आजादी के बाद से 2016 तक बजट फरवरी के आखिरी कार्य दिवस (आमतौर पर 28 फरवरी) को पेश किया जाता था। यह भी ब्रिटिश काल से चली आ रही परंपरा थी। 2017 में मोदी सरकार के तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे 1 फरवरी कर दिया। पहली बार 1 फरवरी 2017 को बजट पेश हुआ।

इसे भी पढ़ें- आंतें लाल, हरे नाखून, आश्रम के बाहर अस्थालाइन की बोतल और चीख...साध्वी प्रेम बाईसा की मौत में जहर का एंगल; चश्‍मदीद ने बताया पूरा सच
 

Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 1 February 2026 at 09:18 IST