अपडेटेड 1 February 2026 at 13:04 IST

BIG BREAKING: नौकरी-पेशा वालों के लिए सबसे बड़ी खबर, इनकम टैक्‍स स्‍लैब में कोई बदलाव नही, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया IT एक्ट

नौकरी-पेशा वालों के लिए सबसे बड़ी खबर, इनकम टैक्‍स स्‍लैब में कोई बदलाव नही, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया IT एक्ट

Follow :  
×

Share


Budget 2026 Income Tax Slab | Image: Republic, ANI, Unsplash

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना नौवां बजट पेश किया। इनकम टैक्स स्लैब में वित्त मंत्री ने कोई भी बदलाव नहीं किया है। इसके अलावा इनकम टैक्स एक्ट (IT Act 2025) एक अप्रैल 2025 से लागू होगा। उन्होंने Semiconductor Mission 2.0 लॉन्च करने के बारे में भी बताया। साथ ही, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्ताव रखा है कि अब टैक्सपेयर्स अपने संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दसंबर 31 की बजाय 31 मार्च तक दाखिल कर सकेंगे, बस मामूली शुल्क का भुगतान करना होगा।

इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में ऐलान किया है कि अघोषित आय 1 करोड़ करने का प्रावधान किया जाएगा। मुकदमेबाजी को कम करने के लिए निया नियम बनाया जाएगा। टैक्स संबंधी छोटे अपराधों के लिए सिर्फ जुर्माना लगेगा।

TCS दरों में बड़ी कटौती

वित्त मंत्री ने लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और मेडिकल शिक्षा के लिए भेजी जाने वाली राशि पर टीसीएस दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने की घोषणा की। इससे विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और उनके परिवारों को सीधी राहत मिलेगी। इसके अलावा, विदेशी टूर पैकेज की बिक्री पर लगने वाला टीसीएस भी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले यह दर 20 प्रतिशत थी, जिसे पहले ही घटाकर 5 प्रतिशत किया गया था।

दुर्घटना मुआवजे पर टैक्स से छूट

अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे को आयकर से मुक्त किया जाएगा। इस फैसले से सड़क दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

क्लाउड सेवाओं पर कर छुट

वित्त मंत्री ने विदेशी कंपनियों के लिए क्लाउड सेवाओं पर कर छुट (Tax Holiday) तक 2047 की घोषणा की है। इसके तहत कोई भी वैश्विक कंपनी, जो भारतीय डेटा सेंटर्स का उपयोग करके दुनिया भर के ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करती है, इस कर लाभ की पात्र होगी। शर्त यह है कि कंपनी को भारतीय ग्राहकों को सेवाएं भारतीय रीसैलर एंटिटी के माध्यम से देनी होंगी।

इसके अलावा, आईटी सेवाओं वाली कंपनियों के लिए एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट (APA) प्रक्रिया को तेज करने का प्रस्ताव रखा गया है। अब आईटी कंपनियां इस प्रक्रिया को दो वर्षों के भीतर पूरा कर सकती हैं, और आवश्यक होने पर छह महीने का विस्तार भी लिया जा सकेगा। यह कदम विदेशी निवेश को आकर्षित करने और भारतीय IT सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से है।

इसे भी पढ़ें- Union Budget 2026: क्या हुआ सस्‍ता और क्या महंगा, आपकी जेब पर कितना पड़ेगा इस बजट का असर; यहां जानिए सबकुछ

Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 1 February 2026 at 12:37 IST