अपडेटेड 1 February 2026 at 12:01 IST

Budget 2026: तीन कर्तव्‍य, तीन बड़े प्रस्‍ताव और एक मंत्र...निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में दिखाया विकसित भारत का ब्‍लूप्रिंट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त विधेयक 2026 पेश करते हुए देशवासियों के समक्ष तीन प्रमुख कर्तव्यों का खाका खींचा।

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Union Finance Minister Nirmala Sitharaman | Image: ANI

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त विधेयक 2026 पेश करते हुए देशवासियों के समक्ष तीन प्रमुख कर्तव्यों का खाका खींचा। कर्तव्य भवन में बने बजट को पेश करते हुए उन्होंने तीन कर्तव्‍यों का भी जिक्र किया। वित्त मंत्री ने गरीबी उन्मूलन, एससी-एसटी और पिछड़े वर्गों के उत्थान पर विशेष बल दिया। सीतारमण ने कहा, "हमारा मुख्य ध्यान समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों के कल्याण पर केंद्रित रहेगा। उपेक्षित वर्गों के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी, ताकि उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।"

वित्त मंत्री ने पहला कर्तव्य वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत को तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थायी और उच्च विकास दर हासिल करने के लिए उत्पादन क्षमता में भारी निवेश किया जाएगा। प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाजारों का सामना करने हेतु घरेलू बाजार को मजबूत बनाया जाएगा, जिसमें निर्यात प्रोत्साहन और आपूर्ति श्रृंखला सुधार शामिल हैं।

दूसरे कर्तव्य में सीतारमण ने जनता के कल्याणकारी कार्यों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट पर फोकस बढ़ाया जाएगा, ताकि युवा वैश्विक बाजारों में साझेदारी कर सकें। "क्षमता निर्माण से हम न केवल रोजगार सृजन करेंगे, बल्कि भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का अभिन्न अंग बनाएंगे," उन्होंने स्पष्ट किया।

तीसरे कर्तव्य पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' मंत्र को दोहराया। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि हर परिवार, हर समुदाय, हर क्षेत्र और सेक्टर का समावेशी विकास होगा। संसाधनों की समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत सुधार किए जाएंगे, जिसमें ग्रामीण और शहरी विकास पर समान जोर दिया गया।

तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पेश किए

बजट में तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पेश किए गए। पहला, भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का लक्ष्य, जिसमें बड़े पैमाने पर उत्पादन इकाइयों की स्थापना होगी। दूसरा, फार्मास्यूटिकल क्षेत्र को बढ़ावा देकर 'फार्मा हब ऑफ द वर्ल्ड' बनाने की योजना। इसके तहत देशभर में हजारों क्लीनिकल ट्रायल हब स्थापित किए जाएंगे, जो निर्यात को गति देंगे। तीसरा प्रस्ताव उत्पादकता और रोजगार पर केंद्रित होगा।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 1 February 2026 at 12:01 IST