अपडेटेड 1 February 2026 at 19:16 IST
Budget 2026: बजट पर CM योगी की प्रतिक्रिया- आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक तो मायावती बोलीं- नाम बड़े, दर्शन छोटे
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को देश का आर्थिक बजट 2026 लोकसभा में पेश कर दिया है। मोदी सरकार के इस बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने क्या कहा आइए जानते हैं।
Budget 2026: Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज रविवार (1 फरवरी) को लोकसभा में देश का आम बजट पेश कीं। वित्त मंत्री के रूप में उनका ये लगातार नौवां बजट रहा। इस बजट में आम लोगों की काम से जुड़े कई चीजों के दाम सस्ते हुए तो कई चीजें महंगी भी हुई है। अब बजट 2026 पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है।
केंद्रीय बजट 2026 पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक ये बजट है जिसमें नए भारत और विकसित भारत की संकल्पना की दृष्टि स्पष्ट दिखाई देती है।' वहीं, बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा 'विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं, वादों के नाम तो बड़े-बड़े हैं, किन्तु जमीनी स्तर पर इनके दर्शन छोटे ना हो तो बेहतर होगा।
आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक है बजट-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
केंद्रीय बजट 2026 कहा पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा 'आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक ये बजट है जिसमें नए भारत और विकसित भारत की संकल्पना की दृष्टि स्पष्ट दिखाई देती है। आयुष और स्वास्थ्य क्षेत्र पर जोर देना, महिलाओं के लिए हर जनपद में छात्रावास के निर्माण की व्यवस्था, नौजवानों के लिए हर क्षेत्र में अवसर के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्र में रिफॉर्म का बजट पेश किया गया है। भारत की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ये बजट मददगार साबित होगा।'
नाम बड़े-बड़े हैं किन्तु जमीनी स्तर पर दर्शन छोटे- मायावती
केंद्रीय बजट 2026 पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने तीखी टिप्पणी करते हुए एक्स पर लिखा 'देश के संसद में आज केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए बजट में विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं, वादों और आश्वासनों के सम्बन्ध में भविष्य में इनके परिणामों को लेकर यही लगता है कि इनके नाम तो बड़े-बड़े हैं, किन्तु जमीनी स्तर पर इनके दर्शन छोटे ना हो तो बेहतर होगा। इसीलिए सर्व समाज के हित में केवल बातें ना हो बल्कि इनपर सही नीयत से अमल भी जरूरी।'
कहीं यह बजट भी आया और गया की तरह तो नहीं- मायावती
संसद में आज पेश बजट को भी देखा जाना चाहिए कि कहीं यह बजट भी आया और गया की तरह परम्परागत रूप से मायूस करने वाला तो नहीं है। साथ ही यह प्रश्न छोड़ दिया है कि पिछले वर्ष के बजट में सरकार द्वारा किए गए दावे, वादे और आशाएं क्या आज पूरी की गई है, या एक रस्म को निभा कर रह गई है।'
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 1 February 2026 at 19:07 IST