अपडेटेड 31 January 2026 at 12:12 IST
Budget 2026: कभी आम बजट से अलग पेश होता था रेलवे बजट, फिर क्यों 92 साल पुरानी परंपरा पर लग गया ब्रेक? जानें
Railway Budget History: कभी भारतीय रेलवे बजट आम बजट से अलग पेश किया जाता था। यह परंपरा साल 2016 तक जारी रही। लेकिन बाद में ऐसा क्या हुआ कि रेलवे बजट को आम बजट के साथ मिला दिया गया? रेल बजट की परंपरा खत्म की जाने की पूरी कहानी क्या है, चलिए जानते हैं।
Railway Budget Merged with Union Budget: हर साल की तरह इस साल भी भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश करेंगी। मोदी सरकार में वित्त मंत्री के रूप में यह उनका लगातार 9वां बजट होगा। उन्होंने अपना पहला बजट साल 2019 में पेश किया था। केंद्रीय बजट 2026 से हर क्षेत्र और वर्ग के लोगों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। लेकिन आज हम आपको बजट से जुड़ी एक पुरानी परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं, जो टूट चुकी है।
01 फरवरी 2026 को पेश होने वाले बजट में रेल बजट भी शामिल है। हालांकि, हमेशा से ऐसा नहीं था। पहले रेल बजट आम बजट से अलग पेश किया जाता है। वित्त वर्ष 2016-17 तक केंद्रीय बजट से कुछ दिन पहले रेल बजट अलग से पेश होता था। लेकिन 2017 में केंद्र में आई मोदी सरकार ने 92 साल की परंपरा बदलते हुए रेल बजट को आम बजट में मिला दिया।
रेलवे बजट पहली और आखिरी बार अलग से कब हुआ पेश?
आजादी के बाद, साल 1974 में देश के पहले रेल मंत्री जॉन मथाई ने पहला रेलवे बजट पेश किया था। जबकि 2016 में रेल मंत्री रहे पीयूष गोयल ने आखिरी बार रेल बजट पेश किया था। इसके बाद रेल बजट को अलग से पेश करने की परंपरा समाप्त हो गई।
रेलवे बजट को आम बजट से क्यों मिलाया गया?
रेलवे बजट को आम बजट में शामिल करने का फैसला यूं ही नहीं लिया गया, बल्कि नीति आयोग के सदस्य विवेक देबरॉय की अध्यक्षता में गठित एक समिति की ओर से इस फैसले की सिफारिश की गई थी। नीति आयोग की सलाह पर काफी विचार-विमर्श के बाद बदलाव को स्वीकृति मिली। बताया जाता है कि इसके बाद अलग-अलग ऑथोरिटीज संग भी इस पर मंथन किया गया था।
आम बजट में शामिल होने से क्या फायदा हुआ?
रेलवे बजट को आम बजट में शामिल करने से कई फायदे हुए। इससे सरकार के समय में बचत होने लगी जो इसकी तैयारी और संसद में चर्चा पर लगती थी। वहीं रेलवे को यह फायदा हुआ कि उसे सरकार को डिविडेंड देने की जरूरत खत्म हो गई। इस बदलाव के बाद रेलवे अपनी जरूरतों को ज्यादा बेहतर ढंग से मैनेज कर पाने लगा। इसके अलावा, रेलवे को सरकारी समर्थन बढ़ाने और संधाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग का अवसर मिला। इसके कारण भारतीय रेलवे की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिली।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 31 January 2026 at 12:12 IST