अपडेटेड 6 March 2026 at 12:04 IST
Anil Ambani: अनिल अंबानी की फिर बढ़ी मुश्किलें, रिलायंस पावर से जुड़े 12 ठिकानों पर ED ने मारा छापा, क्या है मामला
ED Searches Reliance Power Premises: ईडी ने अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से जुड़ी कंपनियों पर छापेमारी की कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत मुंबई और हैदराबाद में कई जगहों पर तलाशी ली।
Anil Ambani: कारोबारी अनिल अंबानी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। शुक्रवार (6 मार्च) को उनकी ग्रुप कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े कई ठिकानों पर ईडी का छापा पड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि मुंबई और हैदराबाद में 10-12 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी चल रही है।
15 टीमों ने चलाया तलाशी अभियान
अधिकारियों के मुताबिक ईडी की करीब 15 टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार सुबह-सुबह ही ED की टीम इन ठिकानों पर पहुंच गई थी। टीम ने संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों के परिसरों की तलाशी ली।
फरवरी में अनिल अंबानी से हुई थी पूछताछ
इससे पहले रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 26 फरवरी को अनिल अंबानी से पूछताछ हुई थी, जिसके लिए वे दिल्ली स्थित ईडी दफ्तर पहुंचे थे। अंबानी सुबह करीब 11 बजे वहां पहुंचे और यहां उनसे विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन और फंड के डायवर्जन को लेकर करीब 9 घंटों तक सवाल-जवाब का सिलसिला किया।
पहले भी हुआ था एक्शन
वहीं, ईडी ने 40,000 करोड़ रुपये के रिलायंस कम्युनिकेशंस (आर-कॉम) बैंक फ्रॉड मामले में बड़ी कर्रवाई करते हुए अनिल अंबानी के मुंबई स्थित घर 'अबोड' को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया था। घर की अनुमानित कीमत 3,500 करोड़ रुपये बताई गई। वहीं, इसी संपत्ति का 473.17 करोड़ रुपये का एक हिस्सा पहले ही जब्त किया जा चुका था।
मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED यह जांच कर रही है कि क्या विदेशी और भारतीय बैंकों से लिए गए कर्ज का कुछ हिस्सा ग्रुप कंपनियों में गलत तरीके से ट्रांसफर या डायवर्ट किया गया। रिलायंस कम्युनिकेशंस पर कभी 1.7 लाख करोड़ से ज्यादा का कुल कर्ज था, जिसके बाद इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया और एसेट बिक्री से कुछ राहत मिली, लेकिन कई लोन नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) घोषित हो गए।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 6 March 2026 at 12:00 IST